Edited By Anu Malhotra,Updated: 27 Feb, 2026 03:02 PM

कभी सड़कों पर सरपट दौड़ते और शेयर बाजार में धूम मचाते ओला इलेक्ट्रिक के स्कूटर्स की चमक अब फीकी पड़ती दिख रही है। जिस कंपनी ने 76 रुपये के भाव पर बाजार में कदम रखा था और देखते ही देखते 157 रुपये की ऊंचाई छू ली थी, आज उसके निवेशकों के चेहरे पर मायूसी...
नेशनल डेस्क: कभी सड़कों पर सरपट दौड़ते और शेयर बाजार में धूम मचाते Ola Electric के स्कूटर्स की चमक अब फीकी पड़ती दिख रही है। जिस कंपनी ने 76 रुपये के भाव पर बाजार में कदम रखा था और देखते ही देखते 157 रुपये की ऊंचाई छू ली थी, आज उसके निवेशकों के चेहरे पर मायूसी है। आलम यह है कि शेयर अपने शिखर से करीब 84 प्रतिशत टूटकर महज 25 रुपये के इर्द-गिर्द सिमट गया है। इस भारी गिरावट ने निवेशकों की तिजोरी से लगभग 57,000 करोड़ रुपये साफ कर दिए हैं।
क्यों थमी ओला की रफ़्तार?
ओला के इस खराब दौर के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि चुनौतियों का पूरा पहाड़ है। सबसे बड़ा झटका कंपनी की मार्केट हिस्सेदारी को लगा है। साल भर पहले तक जिस बाजार पर ओला का 26% कब्जा था, वह अब सिमटकर सिर्फ 4.2% रह गया है। ग्राहकों की बढ़ती शिकायतें, स्कूटर्स में आती तकनीकी खामियां और उससे भी बुरी सर्विस क्वालिटी ने लोगों का भरोसा डगमगा दिया है।
सर्विस सेंटर्स पर खड़े खराब स्कूटर्स की कतारों ने कंपनी की साख पर बट्टा लगाया है, जिससे नए खरीदार अब ओला से दूरी बनाने लगे हैं। इतना ही नहीं, कंपनी ने कभी देश भर में 4,000 स्टोर्स खोलने का बड़ा सपना देखा था, लेकिन अब गिरते बाजार को देखते हुए इसे घटाकर सिर्फ 550 करने का फैसला लिया गया है।
शुक्रवार का हाल: मामूली बढ़त पर साया बरकरार
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को बीएसई (BSE) पर ओला के शेयरों में करीब 1% की मामूली तेजी देखी गई और यह 25.39 रुपये के आसपास ट्रेड करता नजर आया। दिन भर के उतार-चढ़ाव में इसने 25.49 रुपये का ऊपरी स्तर और 24.79 रुपये का निचला स्तर छुआ। फिलहाल कंपनी का कुल बाजार मूल्य (Market Cap) गिरकर 11,199.10 करोड़ रुपये पर आ चुका है।
दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों ने भी मोड़ा मुंह
बाजार के जानकारों और बड़ी रेटिंग एजेंसियों ने भी ओला को लेकर अपनी राय बदल दी है। मशहूर ग्लोबल फर्म Goldman Sachs ने इसके टारगेट प्राइस को सीधा आधा करते हुए 52 रुपये से घटाकर 26 रुपये कर दिया है। वहीं, सिटी (Citi) ने तो इसे 'खरीदने' की सलाह छोड़कर 'बेचने' (Sell) की रेटिंग दे दी है। सिटी ने इसके टारगेट को 55 रुपए से घटाकर 27 रुपए कर दिया है। जानकारों का मानना है कि बिक्री की रफ़्तार में आती रुकावटें कंपनी के लिए आने वाले समय में और भी मुश्किलें पैदा कर सकती हैं।