Edited By jyoti choudhary,Updated: 19 Feb, 2026 11:54 AM

भारतीय आईटी सेक्टर में विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाता दिख रहा है। फरवरी के पहले 15 दिनों में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने आईटी शेयरों में जमकर बिकवाली की है। डिपॉजिटरी आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में करीब 10,956 करोड़ रुपए की निकासी...
बिजनेस डेस्कः भारतीय आईटी सेक्टर में विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाता दिख रहा है। फरवरी के पहले 15 दिनों में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने आईटी शेयरों में जमकर बिकवाली की है। डिपॉजिटरी आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में करीब 10,956 करोड़ रुपए की निकासी हुई है, जिससे सेक्टर में विदेशी होल्डिंग चार साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है।
15 दिनों में 16% की गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार, आईटी कंपनियों में FIIs की कुल हिस्सेदारी घटकर 4.49 लाख करोड़ रुपए रह गई है। जनवरी 2026 के अंत में यह आंकड़ा 5.34 लाख करोड़ रुपए था यानी महज दो हफ्तों में करीब 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
गौरतलब है कि 2025 की शुरुआत में यह निवेश 7.3 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर था। मौजूदा गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
यह भी पढ़ें: MCX-Comex Gold Rate: उछल गए सोने के भाव, चांदी में भी आई तेजी, ये है 10g गोल्ड रेट
‘जेनरेटिव एआई’ से बढ़ी अनिश्चितता
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बिकवाली की एक बड़ी वजह ‘जेनरेटिव एआई’ को लेकर बढ़ती आशंकाएं हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से कोडिंग, ऑटोमेशन और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में दक्ष होता जा रहा है। ऐसे में निवेशकों को डर है कि भविष्य में पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग पर असर पड़ सकता है।
भारत की दिग्गज आईटी कंपनियां- जैसे Infosys, Tata Consultancy Services (TCS), Wipro, HCL Technologies और Tech Mahindra मुख्य रूप से मैनपावर आधारित सेवाओं से कमाई करती हैं। यही कारण है कि इन शेयरों में फरवरी के दौरान 10 से 16 फीसदी तक की गिरावट देखी गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स भी इस दौरान करीब 14 फीसदी टूट चुका है।
म्यूचुअल फंड्स पर भी दबाव
केवल विदेशी निवेशक ही नहीं, घरेलू म्यूचुअल फंड्स को भी नुकसान उठाना पड़ा है। 13 फरवरी तक टॉप 10 आईटी शेयरों में म्यूचुअल फंड्स का निवेश घटकर 3.04 लाख करोड़ रुपए रह गया, जो जनवरी अंत में 3.56 लाख करोड़ रुपए था। अनुमान है कि इस गिरावट से निवेशकों की वैल्यू में करीब 50,000 करोड़ रुपए की कमी आई है।
यह भी पढ़ें: Big Decision on Gold-Silver: सोने-चांदी पर MCX-NSE का बड़ा फैसला, बुलियन ट्रेडर्स को राहत
पैसा कहां जा रहा है?
आईटी से निकला पैसा अब दूसरे सेक्टर्स की ओर रुख कर रहा है। FIIs ने फरवरी के पहले पखवाड़े में कैपिटल गुड्स में 8,032 करोड़ रुपए और फाइनेंशियल सर्विसेज में 6,175 करोड़ रुपए का निवेश किया है।
इसके अलावा मेटल और माइनिंग सेक्टर में भी 3,279 करोड़ रुपए की खरीदारी दर्ज की गई है। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े क्षेत्रों को अपेक्षाकृत सुरक्षित मान रहे हैं।