Edited By Anu Malhotra,Updated: 08 May, 2025 01:04 PM

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जब देश के लोग बदले की मांग कर रहे थे, तब शायद किसी को अंदाज़ा नहीं था कि भारत सरकार इतनी तेज़ और निर्णायक कार्रवाई करेगी। लेकिन मंगलवार रात भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके के 9...
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जब देश के लोग बदले की मांग कर रहे थे, तब शायद किसी को अंदाज़ा नहीं था कि भारत सरकार इतनी तेज़ और निर्णायक कार्रवाई करेगी। लेकिन मंगलवार रात भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके के 9 आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल एयरस्ट्राइक कर यह साबित कर दिया कि भारत की आतंकवाद को लेकर नीति अब सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि ठोस एक्शन में दिखती है।
भारतीय वायुसेना द्वारा की गई इस सटीक और सीमित कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में हलचल मच गई है। जहां एक ओर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी NSA और ISI प्रमुख असीम मलिक ने भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से संपर्क साधा है। इस बात की पुष्टि पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार ने एक इंटरव्यू में की है।
पाकिस्तान की इस पहल को राजनीतिक गलियारों में 'गिड़गिड़ाहट' के रूप में देखा जा रहा है। भारत की स्पष्ट नीति है-“आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते”, और यही कारण है कि वर्षों से दोनों देशों के बीच कोई औपचारिक संवाद नहीं हुआ है।
इस बार भारत ने कूटनीतिक रूप से भी दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उसने सिर्फ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया है- न तो पाकिस्तानी सेना, और न ही आम नागरिकों को कोई नुकसान पहुंचाया गया।
दूसरी ओर, पाकिस्तान की ओर से दिए गए बयानों में भय, दबाव और आक्रोश तीनों झलक रहे हैं। प्रधानमंत्री शरीफ ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए दावा किया कि पाकिस्तान इस कार्रवाई का जवाब देगा और यह भारत की ओर से थोपे गए युद्ध का जवाब होगा।
अब देखना यह है कि क्या पाकिस्तान संयम रखता है या फिर हालात किसी और बड़ी टकराव की ओर बढ़ते हैं। फिलहाल, ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकियों को करारा जवाब दिया है, बल्कि पाकिस्तान को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर कठघरे में खड़ा कर दिया है।