Edited By Anu Malhotra,Updated: 23 Jan, 2026 04:22 PM

अमेरिका में हेल्थकेयर की महंगाई ने फिर से सुर्खियां बटोर ली हैं। जयपुर के रहने वाले और फिलहाल एरिज़ोना में रह रहे NRI पार्थ विजयवर्गीय ने अपने हालिया अनुभव मेडिकल खर्चे को लेकर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि सिर्फ 90 मिनट की इमरजेंसी...
इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका में हेल्थकेयर की महंगाई ने फिर से सुर्खियां बटोर ली हैं। जयपुर के रहने वाले और फिलहाल एरिज़ोना में रह रहे NRI पार्थ विजयवर्गीय ने अपने हालिया अनुभव मेडिकल खर्चे को लेकर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि सिर्फ 90 मिनट की इमरजेंसी रूम विज़िट के लिए उन्हें करीब डेढ़ लाख रुपये (1,800 डॉलर) अपनी जेब से चुकाने पड़े।
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। कई यूजर्स ने भारतीय डॉक्टरों की उपलब्धता और इलाज की गुणवत्ता की तारीफ की, जबकि कुछ ने लिखा कि अमेरिका में ऊंची सैलरी तभी काम आती है, जब जिंदगी खुद अपना महंगा बिल नहीं थमा देती। यह घटना तब हुई जब ice-skating के दौरान उन्हें चोट लगी। दर्द होने के बावजूद उन्होंने एम्बुलेंस बुलाने से परहेज किया, क्योंकि अमेरिका में एम्बुलेंस सेवा का शुल्क बेहद महंगा है। इसके बजाय वे खुद अपनी कार से अस्पताल पहुंचे।
महंगी लेकिन तेज़ सेवा
पार्थ के मुताबिक, अस्पताल में उनका इलाज लगभग डेढ़ घंटे तक चला। तीन हफ्ते बाद जब उन्हें बिल मिला, तो पता चला कि कुल इलाज की लागत करीब 5,800 डॉलर थी। इसमें से उनकी इंश्योरेंस कंपनी ने लगभग 4,000 डॉलर कवर किए, जबकि बाकी 1,800 डॉलर उन्हें खुद भरने पड़े। पार्थ ने वीडियो में कहा कि यही कारण है कि अमेरिका को दुनिया का महंगा देश कहा जाता है, और इसलिए वहां की सैलरी भी अधिक होती है। उनका यह अनुभव सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और हजारों लोग इसे देखकर अपनी प्रतिक्रिया देने लगे।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
कई यूजर्स ने पार्थ के अनुभव की तुलना भारत की हेल्थकेयर व्यवस्था से की। कुछ ने भारत के डॉक्टरों की उपलब्धता और इलाज की गुणवत्ता की तारीफ की, जबकि कुछ ने कहा कि अमेरिका में “हाई इनकम” तभी काम आती है जब जीवन खुद अपना महंगा बिल थमा दे। कई लोग यह भी जोड़ते हैं कि अमेरिका में उच्च आय और उच्च खर्च एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
जीवन, खर्च और घर की याद
पार्थ ने एक अन्य बातचीत में बताया कि वे मूल रूप से जयपुर के रहने वाले हैं और सिविल इंजीनियर होने के साथ-साथ डिजिटल कंटेंट क्रिएटर भी हैं। उन्होंने अमेरिका में कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट में मास्टर्स किया और वर्तमान में लोअर सिक्स-फिगर सैलरी कमा रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिका में जीवन कई मामलों में सुविधाजनक है, लेकिन खर्च भी उतना ही अधिक है। उन्होंने नए आने वालों को सलाह दी कि अमेरिका शिफ्ट होने का निर्णय तभी लें जब उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत हो। बावजूद इसके, इतने आराम और सुविधाओं के बीच भी उन्हें भारत में अपने परिवार की कमी महसूस होती है।