Edited By Radhika,Updated: 04 Feb, 2026 12:45 PM

भारत एक ऐसा देश है जहाँ साल के अधिकांश महीनों में भरपूर धूप खिली रहती है, लेकिन इसके बावजूद यहाँ की एक बहुत बड़ी आबादी एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रही है। हम बात कर रहे हैं विटामिन-डी (Vitamin D) की, जिसे 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता है। चौंकाने...
नेशनल डेस्क: भारत एक ऐसा देश है जहाँ साल के अधिकांश महीनों में भरपूर धूप खिली रहती है, लेकिन इसके बावजूद यहाँ की एक बहुत बड़ी आबादी एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रही है। हम बात कर रहे हैं विटामिन-डी (Vitamin D) की, जिसे 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग 70 से 80 % भारतीय इस जरूरी पोषक तत्व की कमी का शिकार हैं। विटामिन-डी विटामिन के अलावा एक हार्मोन की तरह काम करता है। यह शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस को सोखने में मदद करता है। सरल शब्दों में कहें तो, आप चाहे कितना भी दूध पी लें या कैल्शियम खा लें, अगर आपके शरीर में विटामिन-डी नहीं है, तो आपकी हड्डियाँ उन्हें इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी। इसके अलावा, यह आपकी Immunity को बढ़ाने और दिल को सेहतमंद रखने में अहम भूमिका निभाता है।
विटामिन-डी की कमी के मुख्य कारण
भारत में विटामिन-डी की कमी के पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं:
- इनडोर लाइफस्टाइल: ऑफिस और घरों के अंदर ज्यादा वक्त बिताना।
- प्रदूषण: बढ़ते स्मॉग और धूल के कारण सूर्य की किरणें त्वचा तक सही से नहीं पहुँच पातीं।
- खान-पान में लापरवाही: आहार में विटामिन-डी युक्त चीजों की कमी।
- बढ़ती उम्र: उम्र बढ़ने के साथ शरीर की विटामिन बनाने की क्षमता कम होने लगती है।

शरीर में दिखते हैं ये लक्षण
अगर आप अक्सर थकान महसूस करते हैं, हड्डियों या जोड़ों में दर्द रहता है, बार-बार बीमार पड़ते हैं या घाव भरने में देरी होती है, तो यह विटामिन-डी की कमी के लक्षण हो सकते हैं। लंबे समय तक इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और हाई ब्लड प्रेशर व स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
कैसे करें इसकी भरपाई?
विटामिन-डी की कमी को दूर करना बहुत आसान है, बस अपनी लाइफस्टाइल में ये छोटे बदलाव करें:
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धूप का सेवन: रोजाना सुबह 10 से 15 मिनट की धूप लेना सबसे कारगर तरीका है।
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सही आहार: अपनी डाइट में मशरूम, दूध, दही, पनीर, सोया मिल्क और फैटी फिश (यदि मांसाहारी हैं) शामिल करें।
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सप्लीमेंट्स: यदि कमी ज्यादा है, तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन-डी के कैप्सूल या सिरप लें।