केंद्रीय कर्मचारियों के पेंशन नियम में बड़ा बदलाव, पेंशनर निधन के बाद अब दस्तावेज़ों की भागदौड़ खत्म

Edited By Updated: 06 Jan, 2026 09:13 AM

ppo cpao central government old age pensioners doppw

केंद्र सरकार ने बुजुर्ग पेंशनरों और उनके परिवारों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने के लिए एक 'सुरक्षा कवच' तैयार किया है। अक्सर पेंशनर के निधन के बाद परिवार को कागजी कार्रवाई में उलझना पड़ता था, लेकिन अब नई व्यवस्था से पारदर्शिता और रफ्तार...

नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार ने बुजुर्ग पेंशनरों और उनके परिवारों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने के लिए एक 'सुरक्षा कवच' तैयार किया है। अक्सर पेंशनर के निधन के बाद परिवार को कागजी कार्रवाई में उलझना पड़ता था, लेकिन अब नई व्यवस्था से पारदर्शिता और रफ्तार दोनों बढ़ेगी।

1. बैंकों की मनमानी पर लगाम: PPO लौटाने का नया रास्ता

पेंशनर की मृत्यु के बाद 'पेंशन भुगतान आदेश' (PPO) को वापस करने की प्रक्रिया को लेकर अक्सर भ्रम रहता था। कुछ बैंक इन्हें सीधे विभागों को भेज देते थे, जिससे दस्तावेज गुम होने का खतरा रहता था।

2. पेंशन कटौती पर 'ब्रेक': अब आसान नहीं होगी रिकवरी

कई बार विभाग सालों बाद जागते हैं और कहते हैं कि आपको गलती से ज्यादा पेंशन मिल गई, इसलिए अब कटौती होगी। सरकार ने इस पर सख्त रुख अपनाया है:

  • दो साल का नियम: अगर पेंशन फिक्स होने के दो साल बाद कोई गलती पकड़ी जाती है, तो विभाग बिना उच्च अधिकारियों (DoPPW) की अनुमति के पेंशन कम नहीं कर सकता।

  • नोटिस अनिवार्य: अगर रिकवरी जायज भी है, तो पेंशनर को 2 महीने पहले नोटिस देना होगा।

  • किश्तों में राहत: सारा पैसा एक साथ नहीं काटा जा सकता; इसे छोटी किश्तों में ही वसूलना होगा।

  • गलती सरकार की, राहत पेंशनर को: यदि ज्यादा भुगतान में पेंशनर की कोई भूमिका नहीं है और यह केवल क्लर्क की गलती है, तो सरकार उस रिकवरी को पूरी तरह माफ करने पर भी विचार करेगी।

क्यों जरूरी थे ये बदलाव?

अक्सर देखा गया है कि रिटायरमेंट के बाद बुजुर्गों के पास आय का सीमित साधन होता है। ऐसे में अचानक पेंशन कम होना या रिकवरी का नोटिस मिलना मानसिक तनाव का कारण बनता है। सरकार के इन कदमों का उद्देश्य प्रक्रिया को सरल बनाना और पेंशनरों के आत्म-सम्मान की रक्षा करना है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!