Edited By Radhika,Updated: 13 Feb, 2026 06:46 PM

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बजट सत्र के दौरान लोकसभा के बार-बार बाधित होने का हवाला देते हुए शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को 'बयान बहादुर' करार देते हुए कहा कि वह (गांधी) सदन की कार्यवाही...
नेशनल डेस्क: केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बजट सत्र के दौरान लोकसभा के बार-बार बाधित होने का हवाला देते हुए शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को 'बयान बहादुर' करार देते हुए कहा कि वह (गांधी) सदन की कार्यवाही ठप करने के लिए 'नये-नये बहाने' तलाशते हैं। संसद के बजट सत्र का पहला चरण हंगामेदार रहा, जिसमें भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की अप्रकाशित किताब के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध की स्थिति बनी रही। संसद के बजट सत्र का पहला चरण शुक्रवार को समाप्त हुआ और दूसरा चरण नौ मार्च से शुरू होगा।
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प्रधान ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''संसद को बाधित करने के लिए हर रोज नया बहाना गढ़ना अब कांग्रेस की कार्यशैली ही नहीं, (बल्कि) उसकी पहचान बन चुकी है। हर सत्र में एक ही स्क्रिप्ट दोहराई जाती है- हंगामा, शोर, झूठ और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सुनियोजित उल्लंघन।'' उन्होंने कहा, ''नेता प्रतिपक्ष होते हुए भी राहुल गांधी ने जिम्मेदारी का नहीं, अराजकता का रास्ता चुना है। ''झूठ बोलो और बार-बार बोलो'' की राजनीति अब उनकी आदत नहीं, उनकी राजनीतिक पहचान है, जिसने उन्हें भारतीय राजनीति में अविश्वसनीयता का प्रतीक बना दिया है।''
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, ''राहुल गांधी और कांग्रेस को संविधान, लोकतंत्र, लोकतांत्रिक व्यवस्था, संसदीय प्रणाली और जनता के मताधिकार में विश्वास नहीं है। वैचारिक रूप से खोखली कांग्रेस योजनाबद्ध तरीके से संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है।'' प्रधान ने कहा, ''आपातकाल की मानसिकता वाले लोग भारत की तरक्की से नफरत करते हैं और 'डेड इकोनॉमी' (चौपट अर्थव्यवस्था) बोलकर देश का अपमान करते हैं। 'बयान बहादुर' राहुल गांधी सामंतवादी सोच और राजनीतिक कुंठा के कारण झूठ फैलाते हैं और हर बार बेनकाब होते हैं। उन्हें यह स्पष्ट होना चाहिए कि 'संसद' कांग्रेस के निजी स्वार्थ साधने का मंच नहीं, बल्कि देशहित में संवाद का मंच है।'' संसद के बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ शुरू हुआ था।