Edited By Shubham Anand,Updated: 18 Oct, 2025 05:06 PM

RBI का नया चेक क्लियरिंग सिस्टम 4 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ, लेकिन ‘सेम डे क्लियरिंग’ सुविधा ठीक से काम नहीं कर रही। कई बैंकों में चेक साफ होने में 10-15 दिन लग रहे हैं, जिससे दिवाली के व्यस्त मौसम में व्यापार प्रभावित हुआ। CTI ने प्रधानमंत्री को...
नेशनल डेस्क : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा 4 अक्टूबर 2025 को लागू किए गए नए चेक क्लीयरिंग सिस्टम ने उम्मीदों के उलट व्यापारियों और आम जनता के लिए भारी परेशानी खड़ी कर दी है। 'सेम डे क्लियरिंग' की घोषणा के बावजूद चेकों को साफ करने में 10 से 15 दिन तक लग रहे हैं, जिससे दिवाली जैसे व्यस्त व्यापारिक मौके पर भुगतान अटक गए हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
'तकनीकी खराबी और स्टाफ ट्रेनिंग की कमी बनी समस्या'
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि RBI की इस पहल का शुरुआत में व्यापारियों ने स्वागत किया था, लेकिन अब यह सुविधा उल्टी पड़ रही है। "बैंकों से एक ही जवाब मिल रहा है कि 'तकनीकी ग्लिच' है और नए सिस्टम पर स्टाफ की पूरी ट्रेनिंग भी नहीं हुई है।" गोयल ने कहा कि दिवाली के ऐन मौके पर यह व्यवधान व्यापार को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। व्यापारियों के बीच समय पर भुगतान न होने से ऑर्डर कैंसल हो रहे हैं, और लोग बैंकों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
RBI के नए 'कंटीन्यूअस क्लियरिंग एंड सेटलमेंट सिस्टम' के तहत चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) को बैच प्रोसेसिंग से बदलकर T+0 (सेम डे) मोड में लाया गया था। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जमा चेकों को तुरंत स्कैन कर साफ करने का लक्ष्य था, लेकिन लागू होने के बाद से ही सिस्टम चरमरा गया है।
15 दिन पुराने चेक भी अटके
CTI के अनुसार, कुछ बैंकों में 15 दिन पहले जमा किए गए चेक अब तक साफ नहीं हुए हैं। बैंक स्टाफ व्यापारियों से कह रहे हैं, "अभी चेक जमा न कराएं।" कई जगहों पर बैंक चेक स्वीकार करने से ही मना कर रहे हैं। गोयल ने कहा, "शुरू में लगा था कि इससे कामकाज में तेजी आएगी, लेकिन घोषणा के बाद से ही सिस्टम ठप हो गया।"
इसके अलावा, व्यापारियों के बीच झगड़े भी शुरू हो गए हैं। कई लोग सलाह दे रहे हैं कि चेक की जगह RTGS या NEFT का सहारा लें। दिवाली की खरीदारी प्रभावित हो रही है, क्योंकि हाथों में पैसे नहीं पहुंच पा रहे। कुछ बैंकों में NEFT और UPI पेमेंट्स पर भी रुकावट आ रही है, जहां स्टाफ का कहना है कि "ऑनलाइन ऐप अपडेट हो रही है।"
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 14 अक्टूबर को कहा कि ज्यादातर मुद्दे हल हो चुके हैं और सिस्टम 13 अक्टूबर से स्थिर है। हालांकि, ग्राहकों की शिकायतें कम नहीं हुई हैं। बैंक यूनियनों ने RBI से मदद मांगी है, जबकि गैर-मेट्रो ब्रांचों में समस्या अधिक गंभीर बताई जा रही है। RBI ने संक्रमणकालीन सहूलियत के तौर पर क्लियरिंग विंडो को 7 बजे से बढ़ाकर 11 बजे तक किया था, लेकिन यह भी पर्याप्त नहीं साबित हो रहा।