Edited By Parveen Kumar,Updated: 25 Mar, 2026 10:40 PM

खाड़ी देशों से गैस सप्लाई में आ रही दिक्कतों के बीच भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 24 मार्च को एक नया आदेश जारी कर देश में गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं...
नेशनल डेस्क : खाड़ी देशों से गैस सप्लाई में आ रही दिक्कतों के बीच भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 24 मार्च को एक नया आदेश जारी कर देश में गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से निपटा जा सके।
क्यों आया गैस संकट?
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण Strait of Hormuz प्रभावित हुआ है। यह वही रास्ता है, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) भारत पहुंचती है।
- खाड़ी देशों में गैस प्रोसेसिंग प्रभावित
- LNG सप्लाई में कमी
- भारत में LPG और नेचुरल गैस की उपलब्धता पर असर
सरकार का क्या है प्लान?
सरकार अब आयात पर निर्भरता कम करने के लिए देश के अंदर गैस सप्लाई सिस्टम मजबूत करना चाहती है।
1. पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार
देशभर में तेजी से गैस पाइपलाइन बिछाने का काम होगा, जिससे गैस सीधे घरों और कारोबार तक पहुंच सके।
2. नियमों में ढील
अब गैस कंपनियों को:
- कम अनुमति लेनी होगी
- कम फीस और चार्ज देना होगा
- जमीन और सोसाइटी से जुड़ी बाधाएं हटाई जाएंगी
LPG से PNG की ओर बढ़ावा
सरकार लोगों को LPG सिलेंडर से हटाकर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर ले जाना चाहती है।
- PNG देश में ही वितरित होती है
- आयात पर निर्भरता कम होगी
- सप्लाई ज्यादा स्थिर रहेगी
पूरे देश के लिए एक जैसा नियम
नए आदेश के तहत अब अलग-अलग राज्यों के बजाय पूरे देश में गैस पाइपलाइन के लिए एक समान नियम लागू किए जाएंगे। इससे काम तेजी से आगे बढ़ेगा।
क्या होगा फायदा?
- ज्यादा घरों तक जल्दी PNG कनेक्शन पहुंचेगा
- हाउसिंग सोसाइटी अब पाइपलाइन बिछाने से नहीं रोक पाएंगी
- ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी
- गैस की कमी की स्थिति से बचाव होगा