Edited By Parveen Kumar,Updated: 27 Mar, 2026 10:22 PM

आज की बदलती लाइफस्टाइल और गलत खान-पान का सबसे ज्यादा असर जिस अंग पर पड़ रहा है, वह है लिवर। यह शरीर का बेहद जरूरी हिस्सा है, जो 500 से ज्यादा काम करता है। लिवर शरीर को डिटॉक्स करने, मेटाबॉलिज्म सही रखने और पोषक तत्वों के अवशोषण में अहम भूमिका निभाता...
नेशनल डेस्क : आज की बदलती लाइफस्टाइल और गलत खान-पान का सबसे ज्यादा असर जिस अंग पर पड़ रहा है, वह है लिवर। यह शरीर का बेहद जरूरी हिस्सा है, जो 500 से ज्यादा काम करता है। लिवर शरीर को डिटॉक्स करने, मेटाबॉलिज्म सही रखने और पोषक तत्वों के अवशोषण में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में लिवर से जुड़ी कोई भी समस्या पूरे शरीर को प्रभावित कर सकती है।
तेजी से बढ़ रहा है फैटी लिवर का खतरा
मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनियाभर में फैटी लिवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह समस्या अब सिर्फ शराब पीने वालों तक सीमित नहीं रही, बल्कि जो लोग शराब नहीं पीते, उनमें भी यह बीमारी देखी जा रही है। इसे नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) कहा जाता है। भारत में हर 10 में से करीब 3-4 लोग इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं।
रिसर्च में क्या सामने आया?
दक्षिण कोरिया के उल्सान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने इस बीमारी पर अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि ‘माइक्रोआरएनए-93’ (miR-93) नाम का एक छोटा मॉलिक्यूल फैटी लिवर में अहम भूमिका निभाता है। यह मॉलिक्यूल शरीर में जीन के काम को कंट्रोल करता है। जिन लोगों को फैटी लिवर होता है, उनमें miR-93 का स्तर ज्यादा पाया गया।
जीन पर असर से बढ़ती है समस्या
अध्ययन में पता चला कि miR-93, SIRT1 नाम के एक फायदेमंद जीन को कमजोर कर देता है। यह जीन लिवर में फैट को सही तरीके से प्रोसेस करने में मदद करता है। जब SIRT1 सही से काम नहीं करता, तो लिवर में फैट जमा होने लगता है, जिससे सूजन और लिवर की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है।
विटामिन B3 से मिल सकती है राहत
शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि विटामिन B3 (नियासिन) miR-93 के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। जब चूहों पर इसका परीक्षण किया गया, तो उनके लिवर में फैट कम हुआ और लिवर की सेहत में सुधार देखने को मिला।
क्या यह इलाज बन सकता है?
वैज्ञानिकों का मानना है कि विटामिन B3 फैटी लिवर के इलाज का एक सस्ता और असरदार विकल्प बन सकता है। हालांकि, इंसानों पर इसकी पूरी पुष्टि के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है।
खुद से सप्लीमेंट न लें
विशेषज्ञों की सलाह है कि बिना डॉक्टर की सलाह के विटामिन B3 के सप्लीमेंट्स न लें। बेहतर है कि इस विटामिन की जरूरत को प्राकृतिक आहार से पूरा किया जाए।