Edited By Rohini Oberoi,Updated: 25 Jan, 2026 01:42 PM

क्या आपके मोबाइल पर भी कभी ऐसा ट्रैफिक चालान आया है जो आपको गलत लगा? अक्सर लोग डर के मारे जुर्माना भर देते हैं लेकिन अब सरकार ने नियमों को बेहद आसान बना दिया है। अब आप घर बैठे अपने ई-चालान को चुनौती (Challenge) दे सकते हैं। अगर आपकी बात सही साबित...
Traffic Challan: क्या आपके मोबाइल पर भी कभी ऐसा ट्रैफिक चालान आया है जो आपको गलत लगा? अक्सर लोग डर के मारे जुर्माना भर देते हैं लेकिन अब सरकार ने नियमों को बेहद आसान बना दिया है। अब आप घर बैठे अपने ई-चालान को चुनौती (Challenge) दे सकते हैं। अगर आपकी बात सही साबित हुई, तो आपका चालान बिना एक भी पैसा दिए रद्द कर दिया जाएगा। पेश है चालान चैलेंज करने की पूरी गाइड:
45 दिन का गोल्डन पीरियड
नियमों के मुताबिक ई-चालान कटने के बाद आपके पास 45 दिनों का समय होता है। इन 45 दिनों में आपको या तो चालान का भुगतान करना होगा या फिर उसे ऑनलाइन चुनौती देनी होगी। अगर आप 45 दिनों तक कुछ नहीं करते तो कानूनन यह मान लिया जाएगा कि आपने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और अब आपको जुर्माना भरना ही पड़ेगा।
ऑनलाइन शिकायत (Challenge) कैसे दर्ज करें?
गलत चालान को रद्द कराने की प्रक्रिया बहुत सरल है:
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वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर लॉग-इन करें।
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डिटेल्स भरें: अपना वाहन नंबर (Vehicle No.) या चालान नंबर डालें।
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अपनी बात रखें: 'Challan Status' में जाकर अपनी शिकायत का कारण लिखें।
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सबूत अपलोड करें: अगर आपके पास कोई फोटो या वीडियो है (जैसे आप रेड लाइट पर नहीं थे या गलत नंबर प्लेट का चालान है) तो उसे अपलोड करें।

अधिकारी को लेना होगा 30 दिन में फैसला
आपके द्वारा दर्ज की गई शिकायत सीधे ट्रैफिक विभाग के अधिकारी के पास जाएगी। अधिकारी को 30 दिनों के भीतर आपकी शिकायत पर अपना फैसला देना होगा। यदि आपके सबूत सही हैं तो चालान तुरंत रद्द (Cancel) कर दिया जाएगा। यदि अधिकारी सहमत नहीं होता तो आपको चालान भरना होगा या आप कोर्ट का रुख कर सकते हैं (इसके लिए 50% राशि पहले जमा करनी होगी)।

चालान नजरअंदाज करने पर क्या होगा?
अगर आप न चालान भरते हैं और न ही उसे चुनौती देते हैं तो प्रशासन सख्त कदम उठा सकता है:
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सेवाएं बंद: आपके ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और गाड़ी की RC से जुड़ी सरकारी सेवाएं रोकी जा सकती हैं।
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ब्लैकलिस्ट: वाहन को 'Not to be Transacted' लिस्ट में डाल दिया जाएगा जिससे आप गाड़ी बेच नहीं पाएंगे।
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कोर्ट का समन: बार-बार नोटिस के बाद मामला अदालत में जा सकता है।