Edited By Punjab Kesari,Updated: 04 Feb, 2018 07:37 PM

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक वरिष्ठ प्रचारक ने अजीबोगरीब बयानबाजी के साथ बड़े अटपटे दावे किए हैं। प्रचारक शंकर लाल का दावा है कि जर्सी गाय और भैंस और दूध पीने से युवाओं में अपराध की प्रवृति बढ़ रही है। संघ नेता के मुताबिक इन जानवरों का दूध तामसी...
नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक वरिष्ठ प्रचारक ने अजीबोगरीब बयानबाजी के साथ बड़े अटपटे दावे किए हैं। प्रचारक शंकर लाल का दावा है कि जर्सी गाय और भैंस और दूध पीने से युवाओं में अपराध की प्रवृति बढ़ रही है। संघ नेता के मुताबिक इन जानवरों का दूध तामसी प्रकृति का होता है। शंकर लाल ने कहा कि जर्सी गाय के दूध से क्रोध पनपता है, सहनशीलता खत्म होती है और नतीजतन अपराध बढ़ते हैं।
भारतीय गाय के दूध से अपराध में कमी
संघ प्रचारक का मानना है कि गाय का दूध सात्विक शक्ति प्रदान करता है इससे अपराध में कमी आती है। शंकर लाल ने कहा कि गाय का मतलब भारतीय गाय से हैं। शंकर लाल के मुताबिक भारतीय गायों में कंधा होता है, उसकी सींग होती है, पीठ पीछे उठी होती है। संघ प्रचारक ने कहा कि भारतीय गाय की चमड़ी पतली और सुंदर होती है। जबकि विदेशी जर्सी गायों की चमड़ी मोटी और भद्दी होती है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आरएसएस प्रचारक ने दावा किया कि भारतीय गाय के पेट में चार चेंबर होते हैं, जबकि विदेशी गायों के पेट में चीन होता है।। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय गाय गलती से भी विष खा ले तो वह उसके दूध, घी, गोमूत्र और गोबर में नहीं जाता है। इसलिए बाइबल, कुरान समेत दूसरे ग्रंथों में गौ मांस निषेध है।
अटपटे दावों की लगाई झड़ी
शंकरलाल का का कहना है कि गाय के जरिये अपराध मुक्त भारत की कल्पना की जा रही है। उन्होंने कहा कि गाय प्रदूषण हटाने में भी सहायक है। संघ नेता का दावा है कि 1 ग्राम घी का दीया जलाने से सौ किलो ऑक्सीजन तैयार होता है। उन्होंने यह भी कहा कि तुलसी के आगे घी का दीया जलाने से ओजोन गैस बनती है।
एक एकड़ जमीन और एक गाय से 50 हजार की आमदनी
शंकर लाल ने यह भी कहा कि अगर बीमार व्यक्ति के आगे घी का दीया जलाया जाए तो उसे ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा, गायों को रोजगार से पक्के रूप से जोडऩे की योजना है। संघ नेता का दावा है कि 1 एकड़ जमीन और एक गाय से महीने भर में 50 हजार रुपये की आमदनी हो सकती है, इसकी लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है।