Edited By Pardeep,Updated: 16 Jan, 2026 03:09 AM

बिहार के समस्तीपुर जिले से पुलिस की बर्बरता का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजपुर थाना क्षेत्र में सोना चोरी के एक मामले में एक युवक को ऐसी अमानवीय यातना दी गई, जिसे...
नेशनल डेस्कः बिहार के समस्तीपुर जिले से पुलिस की बर्बरता का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजपुर थाना क्षेत्र में सोना चोरी के एक मामले में एक युवक को ऐसी अमानवीय यातना दी गई, जिसे सुनकर हर कोई सिहर उठे।
ज्वेलरी दुकान से शुरू हुआ विवाद, युवक की पिटाई
पीड़ित युवक एक ज्वेलरी दुकान में काम करता था। कुछ दिन पहले दुकानदार ने उस पर सोना चोरी का आरोप लगाकर उसे दुकान पर बुलाया। पूछताछ के दौरान विवाद बढ़ गया, जिसके बाद दुकानदार और अन्य लोगों ने युवक की जमकर पिटाई कर दी।
थाने में भी नहीं मिली राहत, पुलिस ने किया थर्ड डिग्री टॉर्चर
घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को बचाने के बजाय उसे भी बेरहमी से पीटा। इसके बाद पीड़ित को थाने ले जाया गया, जहां उसे कई दिनों तक अवैध रूप से बंद रखकर प्रताड़ित किया गया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने उससे और उसके परिजनों से रिश्वत की मांग की और कहा कि पैसे देने पर ही उसे छोड़ा जाएगा।
सिरिंज से प्राइवेट पार्ट में डाला पेट्रोल
पीड़ित युवक ने बताया कि थाने में उसके साथ थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया। उसने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने सिरिंज के जरिए उसके प्राइवेट पार्ट (मलद्वार के रास्ते) में पेट्रोल डालकर उसे गंभीर यातना दी। इस बर्बरता के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर
पुलिस से न्याय नहीं मिलने पर पीड़ित के परिजन उसे इलाज के लिए ताजपुर रेफरल अस्पताल ले गए। वहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे समस्तीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए जांच कराने की बात कही है। डॉक्टरों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरी मेडिकल स्थिति स्पष्ट होगी।
परिजनों ने एसपी से की शिकायत
जब परिजनों ने पुलिस को पैसे देने से इनकार किया, तो उन्होंने सीधे समस्तीपुर के एसपी से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद एसपी ने कहा कि जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद लोगों में भारी गुस्सा
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय लोगों ने इसे पुलिस की अमानवीय और शर्मनाक हरकत बताया है और ताजपुर थाना प्रभारी को हटाने की मांग की है। पीड़ित के परिजन इस घटना से इतने डरे हुए हैं कि वे अपना घर छोड़कर किसी अज्ञात स्थान पर चले गए हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पुलिस के प्रति लोगों के भरोसे और सम्मान को खत्म कर रही हैं।
3 पुलिसकर्मी निलंबित: एसपी
समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। प्राथमिक जांच में ताजपुर थाना पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसके बाद ताजपुर थाना अध्यक्ष मामले के जांच अधिकारी (IO) एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। एसपी ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।