Kidney Awareness: ये 4 नौकरियां धीरे-धीरे किडनी पर डाल रही बुरा प्रभाव, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा

Edited By Updated: 09 Dec, 2025 11:15 AM

these 4 jobs are slowly weakening the kidneys a major research study reveals

यह माना जाता है कि थकान और मेहनत केवल शरीर को थकाती है, लेकिन कई काम ऐसे होते हैं जो धीरे-धीरे किडनी को भी नुकसान पहुंचाते हैं। गर्म माहौल में काम करने से डिहाइड्रेशन बढ़ता है और किडनी पर दबाव पड़ता है। केमिकल्स, जहरीली गैसों, भारी धातुओं और...

नेशनल डेस्क : हम रोजाना काम पर जाते हैं, घंटो-घंटो मेहनत करते हैं और घर के काम में भी व्यस्त रहते हैं। थकान या जोड़ों में दर्द सामान्य लगता है, लेकिन यह बहुत कम लोग जानते हैं कि लगातार मेहनत और गलत परिस्थितियों में काम करना धीरे-धीरे किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकता है। सबसे खतरनाक बात यह है कि किडनी अंदर ही अंदर खराब होती है, बिना किसी स्पष्ट लक्षण के।

कौन होते हैं ज्यादा जोखिम में?

अक्सर लोगों का मानना है कि किडनी की बीमारी सिर्फ उन लोगों को होती है जिनकी डाइट खराब है, या जो ज्यादा नमक-मीठा खाते हैं, या जिन्हें शुगर और ब्लड प्रेशर की समस्या है। लेकिन असलियत यह है कि कई रोजमर्रा के कारण किडनी पर दबाव डालते हैं। किडनी खून को साफ रखने का काम करती है। लगातार दबाव बढ़ने पर शरीर में गंदगी जमा होने लगती है, जिसे Chronic Kidney Disease (CKD) कहते हैं।

कौन से काम खतरनाक हैं?

1. गर्म वातावरण में काम: सबसे अधिक खतरा उन लोगों को होता है जो लगातार गर्म वातावरण में काम करते हैं, जैसे कि कंस्ट्रक्शन साइट, सड़क निर्माण, फैक्ट्रियों में भट्ठी के पास या खेतों में तेज धूप में काम करना। लगातार पसीना बहने से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होती है, जो सीधे किडनी पर दबाव डालती है और समय के साथ किडनी को धीरे-धीरे खोखला कर देती हैं।

2. रसायनों के संपर्क में काम: वे नौकरियां भी किडनी के लिए गंभीर खतरा बनती हैं, जिनमें लोग नियमित रूप से केमिकल्स या जहरीली गैसों के संपर्क में रहते हैं जैसे पेंट, बैटरी, गोंद, टेनरी और कई फैक्ट्री यूनिट्स। ऐसे रसायन धीरे-धीरे शरीर में जमा होकर किडनी की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। लेड, कैडमियम और मर्करी जैसी भारी धातुएं तो किडनी के लिए बेहद खतरनाक होती हैं। इसी कारण बैटरी प्लांट, माइनिंग, वेल्डिंग, पेंट और केमिकल उद्योग में काम करने वालों में किडनी खराब होने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

3. कई फैक्ट्रियों में उपयोग होने वाले सॉल्वेंट्स जैसे Trichloroethylene and Toluene भी किडनी पर धीरे-धीरे ज़हरीला असर डालते हैं। इनका प्रभाव तुरंत दिखाई नहीं देता, लेकिन लंबे समय में किडनी की फिल्टरिंग क्षमता कम होने लगती है। ऐसे रसायनों और धुएं के रोजाना संपर्क में रहना किडनी को अंदर ही अंदर कमजोर करता रहता है, जिसका पता अक्सर देर से चलता है।

4. तनाव वाली नौकरियां: तेज गर्मी और शारीरिक मेहनत के साथ-साथ लगातार तनाव वाली नौकरियां भी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। लंबे समय तक काम करना, अक्सर शिफ्ट बदलना, नींद की कमी और अनियमित खान-पान ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं और शरीर का मेटाबॉलिज्म बिगाड़ देते हैं। इसका सीधा असर किडनी पर पड़ता है। ऑफिस में लगातार तनाव झेलने वाले कई लोगों में किडनी फंक्शन धीरे-धीरे कम होने के मामले बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं।

रिसर्च में क्या सामने आया?

अध्ययनों के अनुसार, गर्म माहौल में काम करने वाले मजदूरों में किडनी की आक्यूट इन्जरी के मामले सामान्य लोगों की तुलना में कई गुना ज्यादा हैं। अमेरिका और थाईलैंड के अध्ययनों में यह भी पाया गया कि तेज गर्मी में काम करने वालों में किडनी की बीमारी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

बचाव कैसे करें?

  • लगातार पानी पीते रहें, हर 20-30 मिनट में इलेक्ट्रोलाइट लें।
  • गर्म वातावरण में काम करने पर छोटे-छोटे ब्रेक लें।
  • रसायनों के संपर्क में काम करने वाले मास्क, ग्लव्स और प्रोटेक्टिव कपड़े पहनें। वेंटिलेशन अच्छा रखें।
  • समय-समय पर किडनी की जांच कराएं।
  • तनाव वाली नौकरियों में पर्याप्त नींद लें, जीवनशैली संतुलित रखें।

 

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