Edited By Anu Malhotra,Updated: 20 Feb, 2026 08:34 AM

क्या आप भी घंटों हेडफोन लगाकर म्यूजिक सुनते हैं या ऑफिस की मीटिंग्स अटेंड करते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाइए। एक हालिया लैब इन्वेस्टिगेशन ने टेक जगत और यूजर्स के बीच खलबली मचा दी है। टॉप प्रीमियम ब्रांड्स—सैमसंग, बोस और सेनहाइजर (Sennheiser)—समेत...
नई दिल्ली: क्या आप भी घंटों हेडफोन लगाकर म्यूजिक सुनते हैं या ऑफिस की मीटिंग्स अटेंड करते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाइए। एक हालिया लैब इन्वेस्टिगेशन ने टेक जगत और यूजर्स के बीच खलबली मचा दी है। टॉप प्रीमियम ब्रांड्स—सैमसंग, बोस और सेनहाइजर (Sennheiser)—समेत कई कंपनियों के हेडफोन में ऐसे खतरनाक केमिकल्स पाए गए हैं जो आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रिसर्चर्स ने ऑनलाइन मार्केटप्लेस और रिटेल स्टोर्स से ओवर-ईयर और इन-ईयर हेडफोन खरीदकर उनका परीक्षण किया। इस टेस्ट में खास ध्यान स्किन के सीधे संपर्क में आने वाले प्लास्टिक और अन्य सिंथेटिक मैटीरियल पर दिया गया, ताकि उनमें मौजूद संभावित खतरनाक केमिकल का पता लगाया जा सके।
एक विस्तृत रिसर्च में कुल 81 हेडफोन मॉडल्स की बारीकी से जांच की गई। यह जांच उन हिस्सों (प्लास्टिक और सिंथेटिक मटेरियल) पर केंद्रित थी जो सीधे तौर पर हमारी स्किन के संपर्क में आते हैं। रिपोर्ट के नतीजे बेहद डराने वाले हैं:
बिस्फेनोल्स (Bisphenols): लगभग 98% सैंपल्स में 'Bisphenol A' (BPA) पाया गया। इसके अलावा, तीन-चौथाई सैंपल्स में 'Bisphenol S' की मौजूदगी भी मिली।
एंडोक्राइन डिसरप्टर्स: ये केमिकल्स शरीर के हार्मोनल सिस्टम को बिगाड़ सकते हैं, जिससे प्रजनन क्षमता और विकास पर असर पड़ता है।
अन्य घातक तत्व: जांच में Phthalates और Chlorinated Paraffins जैसे केमिकल्स भी मिले हैं, जिन्हें कैंसरकारी माना जाता है और हार्मोन असंतुलित होने समेत कई खतरे हैं।
वर्कआउट करने वालों को ज्यादा खतरा?
स्टडी में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भले ही ये केमिकल कम मात्रा में हों, लेकिन इनका लगातार इस्तेमाल जोखिम भरा है।
खास बात: जब हम एक्सरसाइज करते समय हेडफोन पहनते हैं, तो पसीने और शरीर की गर्मी के कारण ये केमिकल्स प्लास्टिक से निकलकर स्किन के जरिए शरीर में तेजी से प्रवेश कर सकते हैं।
बड़ी कंपनियों की 'चुप्पी'
फिलहाल इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद दिग्गज टेक कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक सफाई या बयान नहीं आया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये कंपनियां अपने मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में कोई बदलाव करेंगी या यूजर्स को अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही सतर्क रहना होगा।