Edited By Anu Malhotra,Updated: 28 Feb, 2026 11:38 AM

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते खान-पान ने हमारे शरीर को बीमारियों का घर बना दिया है। इन्हीं समस्याओं में से एक है किडनी स्टोन (पथरी), जो न केवल असहनीय दर्द देती है, बल्कि सही समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। आयुर्वेद के नजरिए...
Kidney Stone Reason: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते खान-पान ने हमारे शरीर को बीमारियों का घर बना दिया है। इन्हीं समस्याओं में से एक है किडनी स्टोन (पथरी), जो न केवल असहनीय दर्द देती है, बल्कि सही समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। आयुर्वेद के नजरिए से देखें तो पथरी कोई रातों-रात होने वाली समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर में पोषक तत्वों की कमी और दोषों के असंतुलन का नतीजा है।
आखिर क्या है यह पथरी (Stone)?
वैज्ञानिक भाषा में पथरी खनिजों (Minerals) और नमक का एक कठोर जमाव है। जब हमारे पेशाब में तरल पदार्थ की तुलना में क्रिस्टल बनाने वाले तत्व (जैसे कैल्शियम और ऑक्सलेट) ज्यादा हो जाते हैं, तो ये आपस में चिपक कर पत्थर जैसी संरचना बना लेते हैं। ये मुख्य रूप से किडनी, पित्त की थैली या मूत्र मार्ग में पाए जाते हैं।
पथरी बनने के मुख्य कारण: क्या कहता है आयुर्वेद?
आयुर्वेद में इसे 'अश्मरी' कहा जाता है। इसके पीछे कई शारीरिक और पोषण संबंधी कारण जिम्मेदार होते हैं:
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पानी की भारी कमी: कम पानी पीने से पेशाब गाढ़ा हो जाता है, जिससे यूरिक एसिड और कैल्शियम के कण बाहर निकलने के बजाय जमा होने लगते हैं।
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मैग्नीशियम और विटामिन A का अभाव: शरीर में मैग्नीशियम ऑक्सलेट को जमने से रोकता है। वहीं, विटामिन A की कमी कोशिकाओं में बदलाव कर स्टोन बनने का रास्ता साफ कर देती है।
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कमजोर पाचन (Manda-Agni): जब शरीर की पाचन अग्नि मंद होती है, तो 'आम' (टॉक्सिन्स) का निर्माण होता है, जो आगे चलकर पथरी का रूप ले सकते हैं।
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गलत आहार विहार: अत्यधिक नमक, प्रोसेस्ड फूड, रेड मीट और ज्यादा प्रोटीन वाला भोजन इस खतरे को बढ़ा देता है।
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लाइफस्टाइल की गलतियां: मोटापा, शारीरिक सक्रियता की कमी और सबसे महत्वपूर्ण—पेशाब को लंबे समय तक रोकना।
पथरी से बचाव के प्रभावी उपाय
अगर आप इस दर्दनाक समस्या से बचना चाहते हैं, तो अपनी जीवनशैली में ये छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव करें:
| उपाय |
क्या करें? |
| हाइड्रेशन |
दिन भर में कम से कम 3 लीटर पानी पिएं। |
| प्राकृतिक पेय |
डाइट में नारियल पानी और नींबू पानी को शामिल करें। |
| नमक पर नियंत्रण |
भोजन में ऊपर से नमक डालने और प्रोसेस्ड स्नैक्स से बचें। |
| कैल्शियम का संतुलन |
कैल्शियम पूरी तरह बंद न करें, बल्कि इसे प्राकृतिक स्रोतों से लें। |
| एक्टिव लाइफ |
नियमित व्यायाम करें और शरीर के नेचुरल वेगों (जैसे पेशाब) को न रोकें। |