Edited By Sahil Kumar,Updated: 26 Feb, 2026 06:39 PM

बदलती जीवनशैली और बढ़ते ब्लड प्रेशर व डायबिटीज के मामलों के बीच किडनी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी खराब होने के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य थकान, बार-बार पेशाब आना, सूजन और झागदार पेशाब के रूप में दिखाई देते हैं, जिन्हें...
नेशनल डेस्कः आजकल बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव और अनियमित खानपान के बीच किडनी से जुड़ी बीमारियां तेजी से सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याएं किडनी को चुपचाप नुकसान पहुंचा सकती हैं। चिंताजनक बात यह है कि किडनी खराब होने के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य थकान या छोटी-मोटी दिक्कत समझकर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। ऐसे में समय रहते संकेतों को पहचानना और जांच कराना बेहद जरूरी हो जाता है, वरना बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
लगातार थकान और कमजोरी
यदि बिना ज्यादा काम किए ही शरीर में थकावट और कमजोरी महसूस हो रही है, तो यह किडनी की कार्यक्षमता में कमी का संकेत हो सकता है। किडनी की खराबी के कारण खून में विषैले तत्व जमा होने लगते हैं, जिससे ऊर्जा स्तर घट जाता है और ध्यान केंद्रित करने में भी परेशानी होती है।
नींद से जुड़ी परेशानियां
क्रोनिक किडनी डिजीज की स्थिति में व्यक्ति को अनिद्रा या बार-बार नींद खुलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जब खून पूरी तरह साफ नहीं हो पाता, तो शरीर में जमा टॉक्सिन्स नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में
रात के समय बार-बार पेशाब के लिए उठना किडनी के कमजोर होने का संकेत हो सकता है। किडनी जब फिल्टर का काम सही तरीके से नहीं कर पाती, तो पेशाब की मात्रा और आवृत्ति में बदलाव दिखाई देता है।
पेशाब में खून दिखना
अगर पेशाब में खून नजर आए तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह किडनी रोग, पथरी, मूत्राशय संक्रमण या ट्यूमर जैसी गंभीर स्थितियों का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
झागदार पेशाब
पेशाब में लगातार झाग दिखना इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर से प्रोटीन लीक हो रहा है। सामान्य स्थिति में तेज धार के कारण हल्का झाग दिख सकता है, लेकिन यदि बार-बार ऐसा हो रहा है तो यह किडनी संबंधी समस्या का लक्षण हो सकता है।
आंखों के आसपास सूजन
सुबह उठने पर या दिनभर आंखों के आसपास सूजन रहना भी किडनी की खराबी की ओर इशारा करता है। यह स्थिति प्रोटीन के अत्यधिक नुकसान के कारण हो सकती है।
पैरों और टखनों में सूजन
किडनी सही ढंग से काम न करे तो शरीर में अतिरिक्त तरल जमा होने लगता है, जिससे पैरों, टखनों और पंजों में सूजन दिखाई दे सकती है। हालांकि यह लक्षण लिवर की बीमारी या हाई ब्लड प्रेशर में भी देखा जाता है, इसलिए जांच कराना जरूरी है।