रात 10 बजे के बाद ट्रेन में लागू हो जाते हैं ये नियम, 99% लोग होंगे अनजान

Edited By Updated: 18 Feb, 2026 06:11 PM

these rules become applicable in trains after 10 pm

भारतीय रेलवे देश की सबसे बड़ी परिवहन प्रणालियों में से एक है, जिसमें हर दिन करोड़ों यात्री सफर करते हैं। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए रेलवे ने कई नियम बनाए हैं। खासकर रात में यात्रा करने वालों के लिए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक कुछ विशेष...

नेशनल डेस्क : भारतीय रेलवे देश की सबसे बड़ी परिवहन सेवाओं में से एक है और हर दिन करोड़ों यात्री इससे सफर करते हैं। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई नियम बनाए हैं। खासकर रात के समय यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए कुछ विशेष नियम लागू किए जाते हैं। अगर आप रात में ट्रेन से सफर कर रहे हैं, तो इन नियमों की जानकारी होना जरूरी है। तो आइए जानते हैं कि रात के 10 बजे के बाद ट्रेन में कौन-कौन से नियम लागू हो जाते हैं और यात्रियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. रात 10 बजे के बाद टिकट चेकिंग का नियम

रेलवे के नियमों के मुताबिक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) सो रहे यात्रियों को टिकट दिखाने के लिए परेशान नहीं कर सकता। यह नियम स्लीपर और एसी दोनों कोच पर लागू होता है। हालांकि, जो यात्री रात 10 बजे के बाद ट्रेन में चढ़ते हैं, उनसे टिकट जांच की जा सकती है। यदि कोई अधिकारी बिना कारण बार-बार परेशान करता है, तो यात्री रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें - 24 कैरेट 10 ग्राम गोल्ड में आई गिरावट, जानें 22 कैरेट का ताजा रेट

2. शोर-शराबे पर सख्ती

रात के समय ट्रेन में शांति बनाए रखना अनिवार्य है। तेज आवाज में बात करना, मोबाइल पर लाउडस्पीकर चलाना या बिना हेडफोन गाने सुनना नियमों के खिलाफ है। यदि किसी यात्री की वजह से दूसरों की नींद या आराम में बाधा आती है, तो उस पर कार्रवाई हो सकती है। रेलवे एक्ट 1989 की धारा 145 के तहत शांति भंग करने पर 500 से 1000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

3. लाइट और अन्य सुविधाओं के नियम

  • रात 10 बजे के बाद कोच की मुख्य लाइट बंद कर दी जाती है और केवल नाइट लाइट चालू रहती है।
  • समूह में यात्रा कर रहे लोग भी ऊंची आवाज में बातचीत नहीं कर सकते।
  • कुछ ट्रेनों में देर रात भोजन सेवा बंद कर दी जाती है। जरूरत हो तो पहले से खाना बुक किया जा सकता है।
  • सफाई कर्मचारियों की आवाजाही रात में सीमित रहती है।
  • सुरक्षा कारणों से कई ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद किए जा सकते हैं।

4. मिडिल बर्थ से जुड़ा नियम

स्लीपर कोच में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक मिडिल बर्थ वाला यात्री अपनी सीट खोल सकता है। इस दौरान लोअर बर्थ पर बैठे यात्री उसे रोक नहीं सकते। सुबह 6 बजे के बाद मिडिल बर्थ को वापस बंद करना होता है, ताकि नीचे बैठने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके।

यह भी पढ़ें - अगले 15 दिन तक रहेगा सूर्य ग्रहण का असर, इन 5 राशियों को सतर्क रहने की बेहद जरूरत

क्यों जरूरी हैं ये नियम?

इन नियमों का उद्देश्य यात्रियों को रात के समय शांत और सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना है। सही जानकारी होने से आप अनावश्यक विवाद और असुविधा से बच सकते हैं। अगर आप अगली बार रात में ट्रेन से सफर करें, तो इन नियमों का ध्यान रखें और दूसरों की सुविधा का भी सम्मान करें।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!