PM मोदी को जान से मारने की धमकी से हड़कंप, 4 घंटे में गिरफ्तार हुआ आरोपी, जानें कौन है आरोपी समीर रंजन

Edited By Updated: 30 May, 2025 11:54 AM

threat to kill pm modi  accused was arrested in 4 hours sameer ranjan

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों दो दिन के बिहार दौरे पर हैं। इसी बीच उनके दौरे के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। 29 मई को पीएमओ के एक अधिकारी को वॉट्सऐप पर जान से मारने की धमकी मिली, जिसके बाद मामले...

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों दो दिन के बिहार दौरे पर हैं। इसी बीच उनके दौरे के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। 29 मई को पीएमओ के एक अधिकारी को वॉट्सऐप पर जान से मारने की धमकी मिली, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं।

इस धमकी के बाद एनआईए, आईबी और गृह मंत्रालय ने मिलकर जांच शुरू की। पता चला कि यह मैसेज बिहार के भागलपुर जिले से भेजा गया था। तेजी से कार्रवाई करते हुए 4 घंटे के भीतर आरोपी समीर रंजन को गिरफ्तार कर लिया गया।

 कैसे मिली धमकी और कैसे पकड़ा गया आरोपी?

पीएमओ में तैनात एक अधिकारी को वॉट्सऐप पर धमकी भरा मैसेज मिला था जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की बात कही गई थी। सुरक्षा एजेंसियों ने टेक्निकल ट्रेसिंग के जरिए लोकेशन ट्रैक की और पता चला कि यह मैसेज भागलपुर के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र से भेजा गया था। भागलपुर एसएसपी के निर्देश पर स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीम ने छापेमारी की और कुछ ही घंटों में आरोपी को दबोच लिया।

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फर्जी सिम से भेजा गया था मैसेज

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने जो मोबाइल नंबर इस्तेमाल किया था, वह एक बुजुर्ग व्यक्ति मंटू चौधरी के नाम पर रजिस्टर्ड था। समीर रंजन ने यह सिम कार्ड फर्जी दस्तावेजों के जरिए हासिल किया था ताकि अपनी पहचान छिपा सके।

 कौन है आरोपी समीर रंजन?

  • नाम: समीर रंजन

  • उम्र: 35 वर्ष

  • निवास: महेशी गांव, थाना सुल्तानगंज, भागलपुर

  • शिक्षा: बीसीए पास

  • पृष्ठभूमि: कोविड से पहले नौकरी करता था, लेकिन महामारी के बाद से बेरोजगार है

  • मानसिक स्थिति: पुलिस के मुताबिक आरोपी मानसिक तनाव और आर्थिक संकट से जूझ रहा था

 सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में जरा भी चूक नहीं की जाती। धमकी मिलते ही केंद्रीय एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन ने समन्वय बनाकर तेजी से कार्रवाई की, जिससे कुछ ही घंटों में आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी संभव हो सकी।

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