Cancer Alert: ये हैं सबसे घातक कैंसर, समय पर पहचान ही बचा सकती है जान, जानें बचाव के उपाय

Edited By Updated: 18 Feb, 2026 03:53 PM

timely testing can save lives cancer is the most fatal

कैंसर को लेकर डर के बजाय जागरूकता जरूरी है, क्योंकि समय पर पहचान से इलाज की सफलता बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार पैंक्रियाटिक, छोटी कोशिका फेफड़ों का कैंसर, ग्लियोब्लास्टोमा, लिवर और एसोफेजियल कैंसर में पांच साल की सर्वाइवल रेट अपेक्षाकृत कम होती...

नेशनल डेस्कः कैंसर आज भी दुनिया की सबसे गंभीर बीमारियों में गिना जाता है और हर साल लाखों लोगों की जान लेता है। हालांकि इलाज के क्षेत्र में लगातार प्रगति हो रही है, फिर भी कई मामलों में बीमारी देर से पकड़ में आने के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच, सही जानकारी और जागरूकता ही कैंसर से बचाव और बेहतर इलाज की कुंजी है। खासतौर पर कुछ ऐसे कैंसर प्रकार हैं जिनकी सर्वाइवल रेट काफी कम मानी जाती है, इसलिए इनके प्रति सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

समय पर पहचान क्यों है जरूरी? 

विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर इलाज की सफलता दर कई गुना बढ़ जाती है। अक्सर लोग लगातार थकान, अचानक वजन कम होना, शरीर में बिना कारण दर्द, सूजन या अन्य असामान्य बदलावों को नजरअंदाज कर देते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि ऐसे लक्षणों को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। यदि परिवार में किसी को पहले कैंसर हो चुका है, तो नियमित स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग कराना बेहद जरूरी है। समय पर उपचार शुरू होने से जीवन प्रत्याशा बढ़ती है और बीमारी के जटिल होने का खतरा कम हो जाता है।

सबसे कम सर्वाइवल रेट वाले कैंसर

स्वास्थ्य रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ कैंसर ऐसे हैं जिनमें पांच साल तक जीवित रहने की दर अपेक्षाकृत कम पाई गई है:

पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) – यह कैंसर अधिकतर मामलों में देर से पकड़ में आता है। इसमें पांच साल तक जीवित रहने की दर लगभग 8.3% से 13% के बीच बताई जाती है।

छोटी कोशिका फेफड़ों का कैंसर (Small Cell Lung Cancer - SCLC) – इसे सबसे आक्रामक कैंसरों में गिना जाता है। इसमें पांच साल तक जीवित रहने की संभावना 7% से भी कम हो सकती है।

ग्लियोब्लास्टोमा (Glioblastoma – ब्रेन कैंसर) – यह मस्तिष्क का एक गंभीर प्रकार का कैंसर है। इसमें पांच साल तक जीवित रहने की दर करीब 12.9% मानी जाती है, जबकि औसत जीवनकाल 12 से 18 महीने तक बताया जाता है।

लिवर कैंसर (Liver Cancer) – इस कैंसर में पांच साल तक जीवित रहने की औसत संभावना लगभग 13.4% होती है।

एसोफेजियल कैंसर (Esophageal Cancer) – इस प्रकार के कैंसर में मरीजों के पांच साल तक जीवित रहने की दर लगभग 16.3% तक बताई जाती है।

बचाव के उपाय

डॉक्टरों का कहना है कि कैंसर से बचाव के लिए सबसे पहले जागरूक रहना जरूरी है। नियमित हेल्थ चेकअप, समय पर स्क्रीनिंग और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना जीवन बचा सकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान और शराब से दूरी, तथा तनाव कम रखने जैसी स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

 

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