Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 10 May, 2025 04:22 PM

पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया। भारत ने यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ किया था और दावा किया कि इसके निशाने पर सिर्फ आतंकी ठिकाने थे..
नेशनल डेस्क: पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया। भारत ने यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ किया था और दावा किया कि इसके निशाने पर सिर्फ आतंकी ठिकाने थे, आम नागरिक या सैन्य ठिकाने नहीं। लेकिन, इस ऑपरेशन की तुर्की और अज़रबैजान द्वारा की गई आलोचना ने भारतीयों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया। इन दोनों देशों ने पाकिस्तान के उस दावे का समर्थन किया कि भारत के हमलों में आम नागरिकों को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर इन देशों के बहिष्कार की मांग जोर पकड़ने लगी।
भारतीय पर्यटकों और ट्रैवल कंपनियों की सख्त प्रतिक्रिया
देशभक्ति की भावना से प्रेरित होकर अब कई भारतीय पर्यटक तुर्की और अज़रबैजान की अपनी छुट्टियां रद्द कर रहे हैं। इसके अलावा भारत की कई प्रमुख ट्रैवल कंपनियों ने भी इन देशों के लिए टूर पैकेजों को निलंबित कर दिया है। EaseMyTrip ने आधिकारिक रूप से कहा है कि वह इन देशों की यात्रा केवल तभी सलाह देगा जब यह बेहद आवश्यक हो। कॉक्स एंड किंग्स ने तो बाकायदा इन देशों के लिए सभी नए यात्रा प्रस्तावों को “अस्थायी रूप से रोकने” का फैसला किया है। कंपनी के निदेशक करण अग्रवाल ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और राष्ट्रीय भावना को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
केसरी टूर्स और अन्य ऑपरेटरों की भी नाराज़गी
केसरी टूर्स के निदेशक और आउटबाउंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (OTOAI) के अध्यक्ष हिमांशु पाटिल ने कहा कि ये देश हाल के वर्षों में भारतीय पर्यटकों के लिए लोकप्रिय गंतव्य बन गए थे लेकिन अब यहां की बुकिंग पर असर पड़ेगा। उनका स्पष्ट कहना है कि “यात्रा मेरा व्यवसाय है, लेकिन लोगों की भावनाएं भी समझने लायक हैं।”
होटल और फ्लाइट स्तर पर भी विरोध
गोवा विला और गो होमस्टे जैसी ट्रैवल व हॉलिडे कंपनियों ने भी तुर्की के खिलाफ कदम उठाए हैं। इन प्लेटफॉर्म के फाउंडर सिद्धार्थ बकारिया ने तुर्की एयरलाइंस से साझेदारी खत्म कर दी है और यहां तक कि गोवा में तुर्की नागरिकों को कोई आवास न देने का फैसला किया है। उन्होंने साफ कहा, “तुर्की खुलेआम पाकिस्तान का समर्थन कर रहा है। हम देश के साथ हैं और अब तुर्की नागरिकों को गोवा में कोई सुविधा नहीं देंगे।”
सोशल मीडिया बना विरोध का मंच
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से #BoycottTurkeyAzerbaijan जैसे हैशटैग X (पूर्व में ट्विटर) पर ट्रेंड करने लगे। गुरुवार की शाम तक इस हैशटैग पर 12,000 से ज्यादा पोस्ट हो चुके थे। एक वायरल पोस्ट में कहा गया, “पर्यटन एक विकल्प है, गरिमा भी एक विकल्प है।” दूसरे पोस्ट में लिखा गया, “2024 में 3.3 लाख भारतीयों ने तुर्की की यात्रा की, 2.4 लाख ने अज़रबैजान की। पाकिस्तान के साथ खड़े देशों को पैसा क्यों दें? भारत के दोस्तों आर्मेनिया और ग्रीस को सपोर्ट करें।”
तुर्की और अज़रबैजान ने भारत से कमाया भरोसा, अब झटका
इन दोनों देशों ने भारत के साथ अपने हवाई संपर्क और प्रचार के जरिए अच्छा खासा लाभ कमाया है। लेकिन अब जब उन्होंने पाकिस्तान के पक्ष में बयान दिए, तो भारतीय जनता की नाराज़गी खुलकर सामने आ गई है।