egg expiry date: अब हर अंडे पर लिखी होगी एक्सपायरी डेट... 1 अप्रैल से खरीदने से पहले चेक करना न भूलें तारीख!

Edited By Updated: 17 Mar, 2026 10:09 AM

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Egg Stamp Expiry Date: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने खान-पान की शुद्धता को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है, जो सीधे आपकी सेहत और रसोई से जुड़ा है। अब तक आप दूध या ब्रेड के पैकेट पर एक्सपायरी डेट देखते थे, लेकिन अब यूपी के बाजारों में बिकने वाले हर एक अंडे...

Egg Stamp Expiry Date: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने खान-पान की शुद्धता को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है, जो सीधे आपकी सेहत और रसोई से जुड़ा है। अब तक आप दूध या ब्रेड के पैकेट पर एक्सपायरी डेट देखते थे, लेकिन अब यूपी के बाजारों में बिकने वाले हर एक अंडे पर उसकी 'जन्म तिथि' और 'अंतिम तिथि' अंकित होगी। 1 अप्रैल से लागू होने जा रहा यह नया नियम अंडा प्रेमियों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है, क्योंकि अब बासी या खराब अंडे बेचने का खेल पूरी तरह बंद होने वाला है।

लापरवाही पड़ी महंगी तो नष्ट कर दिए जाएंगे अंडे

सरकार ने साफ कर दिया है कि मुनाफे के चक्कर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। लखनऊ से जारी नए आदेश के मुताबिक, अगर किसी व्यापारी या पोल्ट्री फार्म संचालक ने अंडे पर लेइंग डेट (अंडा देने की तारीख) और एक्सपायरी डेट नहीं डाली, तो प्रशासन उन अंडों को जब्त कर तुरंत नष्ट कर देगा। ऐसे अंडों पर 'मानव उपभोग के लिए असुरक्षित' की मुहर लगा दी जाएगी, जिसका मतलब है कि उन्हें किसी भी कीमत पर बेचा नहीं जा सकेगा।

ताजगी का गणित: कब तक सुरक्षित है आपका अंडा?

अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि अंडा कितने दिन पुराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य तापमान (लगभग 30 डिग्री) पर अंडा दो हफ्तों तक ठीक रहता है, जबकि फ्रिज जैसे ठंडे वातावरण (2 से 8 डिग्री) में यह पांच हफ्तों तक सुरक्षित रह सकता है। इसी विज्ञान को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह सख्ती दिखाई है। साथ ही, अब अंडों को सब्जियों के साथ एक ही कोल्ड स्टोरेज में नहीं रखा जा सकेगा क्योंकि दोनों की जरूरतें अलग हैं। हालांकि, प्रदेश में फिलहाल सिर्फ आगरा और झांसी में ही अंडों के विशेष कोल्ड स्टोरेज हैं, जो आने वाले समय में एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

क्यों पड़ी इस सख्त कानून की जरूरत?

पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मुकेश मेश्राम का कहना है कि जांच के दौरान कई ऐसी कमियां पाई गईं जहां ग्राहकों को पुराने और घटिया दर्जे के अंडे बेचे जा रहे थे। आम जनता को यह पता ही नहीं चल पाता था कि वे जो प्रोटीन ले रहे हैं, वह कितना ताजा है। इसी पारदर्शिता को बहाल करने और मिलावटखोरी पर लगाम कसने के लिए यूपी सरकार ने यह कड़ा रुख अपनाया है।

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