Edited By Mehak,Updated: 05 Mar, 2026 04:01 PM

गुजरात के भावनगर जिले में स्थित पालीताना शहर को पूरी तरह शाकाहारी क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां मांस, मछली और अंडे की बिक्री व सेवन पर सख्त प्रतिबंध है। 2014 में जैन संतों के आंदोलन के बाद सरकार ने यह फैसला लिया था। नियमों का उल्लंघन करने पर...
नेशनल डेस्क : भारत के ज्यादातर शहरों में मांस, मछली और अंडा लोगों के भोजन का सामान्य हिस्सा हैं। लेकिन देश में एक ऐसा शहर भी है, जहां नॉनवेज खाना और बेचना कानूनन अपराध माना जाता है। यहां सिर्फ मांस ही नहीं, बल्कि अंडे की खरीद-फरोख्त भी प्रतिबंधित है। यह कोई अफवाह नहीं बल्कि सरकार के आदेश से लागू नियम है। धार्मिक कारणों के चलते इस शहर को पूरी तरह शाकाहारी घोषित किया गया है और नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
गुजरात का पालीताना शहर
यह शहर गुजरात के भावनगर जिले में स्थित पालीताना है। पालीताना को दुनिया का ऐसा शहर माना जाता है, जहां मांस, मछली और अंडे की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। गुजरात सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से शाकाहारी क्षेत्र घोषित किया है। शहर की सीमा के अंदर किसी भी तरह की नॉनवेज से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं है। यानी यहां कोई भी व्यक्ति मांस या अंडे की दुकान नहीं खोल सकता।
2014 के आंदोलन के बाद लिया गया फैसला
इस नियम के पीछे एक बड़ा आंदोलन भी जुड़ा हुआ है। साल 2014 में लगभग 200 से ज्यादा जैन संतों ने पालीताना में पशु वध और मांस की बिक्री बंद कराने की मांग को लेकर अनशन शुरू किया था। जैन संतों का कहना था कि पालीताना जैन धर्म का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है और यहां अहिंसा के सिद्धांत का पालन किया जाना चाहिए। उनके आंदोलन के बाद गुजरात सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए शहर की सीमा के भीतर पशु वध और मांस बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। इसके बाद पालीताना को आधिकारिक रूप से शाकाहारी क्षेत्र घोषित कर दिया गया।
नियम तोड़ने पर हो सकती है कार्रवाई
पालीताना शहर में पशुओं का वध पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा मांस, मछली और अंडे की बिक्री भी गैरकानूनी मानी जाती है। अगर कोई दुकानदार या व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ स्थानीय कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें जुर्माना लगाना, दुकान का लाइसेंस रद्द करना या अन्य प्रशासनिक कदम शामिल हो सकते हैं। प्रशासन समय-समय पर जांच भी करता रहता है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
जैन धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल
पालीताना जैन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है। यहां शत्रुंजय पहाड़ी पर 800 से ज्यादा जैन मंदिर बने हुए हैं, जो दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। धार्मिक महत्व के कारण यहां अहिंसा और शाकाहार को विशेष महत्व दिया जाता है।
पूरे गुजरात में लागू नहीं है यह नियम
यह जानना भी जरूरी है कि यह प्रतिबंध पूरे गुजरात राज्य में लागू नहीं है। राज्य के अन्य शहरों और कस्बों में मांस और अंडे की बिक्री सामान्य रूप से होती है। पालीताना एक खास मामला है, जहां स्थानीय धार्मिक भावनाओं और मांग को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया। इसलिए यहां आने वाले पर्यटकों और व्यापारियों के लिए जरूरी है कि वे स्थानीय नियमों की जानकारी रखें और उनका पालन करें।