Edited By Mansa Devi,Updated: 31 May, 2025 01:03 PM

महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी के बयान से यह स्पष्ट होता है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास रखते हैं और देश में राष्ट्रवाद, हिंदू राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के पक्षधर हैं। उनकी यह अपील भाजपा और केंद्र सरकार के लिए...
नेशनल डेस्क: निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी जी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ की और कहा कि देश को अभी नरेंद्र मोदी जैसे समर्पित और सक्रिय नेता की सबसे अधिक जरूरत है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भाजपा को अपने संविधान में संशोधन कर नेताओं की सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 75 से बढ़ाकर 85 वर्ष करनी चाहिए ताकि मोदी जैसे नेतृत्व को और अवसर मिल सके।
गृह जिला जमुई में संवाद
महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान अपने गृह जिला जमुई स्थित सिमुलतला आश्रम में पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी न केवल अटूट ऊर्जा के धनी हैं, बल्कि उनकी देशभक्ति और समर्पण की मिसाल बहुत कम नेताओं में देखने को मिलती है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी कभी थकते नहीं, कभी सोते नहीं, वे दिन-रात देश की सेवा में लगे हुए हैं। इसीलिए उन्हें और अधिक मौका मिलना चाहिए।”
नेपाल को चीन के प्रभाव से बचाने की अपील
महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी ने नेपाल में चीन की बढ़ती दखलंदाजी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने 12 दिन नेपाल का दौरा किया है, जहां लगभग 85 प्रतिशत जनता हिंदू धर्म की है और नेपाल एक ‘हिंदू राष्ट्र’ है। उन्होंने कहा, “भारत को नेपाल की रक्षा के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए ताकि चीन का प्रभाव बढ़ने से रोका जा सके। नेपाल भारत का छोटा भाई है, और उसकी रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से भी अनुरोध किया कि वे इस मुद्दे को अपनी प्राथमिकता में रखें ताकि भारत की सीमाओं और क्षेत्रीय प्रभाव को सुरक्षित रखा जा सके।
भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग
महामंडलेश्वर ने कहा कि भारत सनातन धर्म का देश है और इसे आधिकारिक रूप से ‘हिंदू राष्ट्र’ घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि हालिया पहलगाम आतंकी घटना पर विपक्ष ने कोई विरोध नहीं किया, क्योंकि सभी जानते थे कि यह घटना असत्यापित और गलत थी।
राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रभक्ति की बात
महामंडलेश्वर ने यह भी कहा कि जो भारत में रहना चाहता है, उसे ‘वंदे मातरम्’ कहना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि चाहे भगवा ध्वज को स्वीकार न करें, लेकिन कम से कम भारत के राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान तो करना ही पड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी को ‘वंदे भारत’ और ‘भारत माता की जय’ कहना चाहिए।