Edited By Mansa Devi,Updated: 07 Jan, 2026 11:24 AM

भारतीय रेलवे की सबसे आधुनिक ट्रेनों में शामिल वंदे भारत एक्सप्रेस ने कम समय में तेज रफ्तार और बेहतर सुविधाओं के कारण खास पहचान बना ली है। हालांकि, यह सुविधा सस्ती नहीं है। एक स्टैंडर्ड 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन को तैयार करने में करीब 115 से 120...
नेशनल डेस्क: भारतीय रेलवे की सबसे आधुनिक ट्रेनों में शामिल वंदे भारत एक्सप्रेस ने कम समय में तेज रफ्तार और बेहतर सुविधाओं के कारण खास पहचान बना ली है। हालांकि, यह सुविधा सस्ती नहीं है। एक स्टैंडर्ड 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेन को तैयार करने में करीब 115 से 120 करोड़ रुपये का खर्च आता है। यही वजह है कि इसे भारत में बनी सबसे महंगी पैसेंजर ट्रेनों में गिना जाता है।
एक कोच की कीमत कितनी?
वंदे भारत के हर कोच की लागत लगभग 6 से 7 करोड़ रुपये बताई जाती है। पूरी ट्रेन एक यूनिट के रूप में तैयार की जाती है, जिसमें इंजन अलग से नहीं, बल्कि कोचों के साथ ही लगा होता है।
राजधानी और शताब्दी से कितना महंगी?
अगर इसकी तुलना राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस से करें तो फर्क साफ दिखता है। इन ट्रेनों में एलएचबी कोच लगाए जाते हैं, जिनकी कीमत लगभग 1.5 से 2 करोड़ रुपये प्रति कोच होती है। 16 एलएचबी कोच की पूरी रैक की कीमत करीब 60 से 70 करोड़ रुपये आती है। इसमें 15 से 20 करोड़ रुपये का हाई पावर इलेक्ट्रिक इंजन जोड़ने के बाद भी राजधानी या शताब्दी ट्रेन की कुल लागत आमतौर पर 80 से 90 करोड़ रुपये तक ही रहती है। इस तरह वंदे भारत ट्रेन करीब 30 से 40 प्रतिशत ज्यादा महंगी पड़ती है।
ज्यादा लागत की मुख्य वजह क्या है?
वंदे भारत की ऊंची कीमत की सबसे बड़ी वजह इसकी सेल्फ प्रोपल्ड या डिस्ट्रिब्यूटेड पावर टेक्नोलॉजी है। पारंपरिक ट्रेनों में जहां एक इंजन पूरी ट्रेन को खींचता है, वहीं वंदे भारत में कई कोचों के नीचे ही ट्रैक्शन मोटर लगी होती हैं। इससे ट्रेन तेजी से रफ्तार पकड़ती है और बेहतर परफॉर्मेंस देती है, लेकिन लागत भी बढ़ जाती है।
हाईटेक सुविधाएं और सेफ्टी सिस्टम
वंदे भारत में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इसमें ऑटोमेटिक स्लाइडिंग दरवाजे, सील्ड गैंगवे, एयरक्राफ्ट जैसी सीटें, सेंसर आधारित बायो टॉयलेट और ऑनबोर्ड डायग्नोस्टिक सिस्टम शामिल हैं। इसके अलावा, रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम भी लगाया गया है, जो ब्रेक लगाने पर बिजली पैदा कर सिस्टम में वापस भेजता है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें ‘कवच’ ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, आग लगने की पहचान और बुझाने की व्यवस्था और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम पहले से फिट होते हैं।
आगे सस्ती हो सकती है वंदे भारत
भारतीय रेलवे का कहना है कि जैसे-जैसे वंदे भारत ट्रेनों का बड़े पैमाने पर निर्माण होगा, वैसे-वैसे प्रति ट्रेन लागत में कमी आने की संभावना है। भविष्य में यह हाईस्पीड ट्रेन तकनीक और सुविधाओं के साथ-साथ ज्यादा किफायती भी हो सकती है।