Edited By Ramanjot,Updated: 11 Feb, 2026 10:59 PM

गुजरात के भावनगर जिले में स्थित पालीताना ने एक अनोखी मिसाल पेश की है। यह शहर अब दुनिया का पहला ऐसा नगर माना जा रहा है, जहां मांसाहारी भोजन की बिक्री, सेवन और पशु वध पर पूर्ण और स्थायी रोक लागू है।
नेशनल डेस्क: गुजरात के भावनगर जिले में स्थित पालीताना ने एक अनोखी मिसाल पेश की है। यह शहर अब दुनिया का पहला ऐसा नगर माना जा रहा है, जहां मांसाहारी भोजन की बिक्री, सेवन और पशु वध पर पूर्ण और स्थायी रोक लागू है। शहर की सीमा के भीतर अब मांस, मछली, चिकन, मटन या अंडे जैसी किसी भी नॉन-वेज वस्तु की बिक्री गैरकानूनी है। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है।
जैन आस्था से जुड़ा फैसला
पालीताना जैन धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल है। शत्रुंजय पहाड़ी पर सैकड़ों प्राचीन जैन मंदिर स्थित हैं, जिसके कारण इस शहर को ‘जैन मंदिर नगरी’ के नाम से भी जाना जाता है। जैन धर्म में अहिंसा (Non-Violence) सर्वोच्च सिद्धांत है। इसी धार्मिक भावना और पवित्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से मांसाहार पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग लंबे समय से उठती रही।
आंदोलन से कानून तक का सफर
कुछ वर्ष पहले करीब 200 जैन संतों और साध्वियों ने शांतिपूर्ण अनशन कर शहर में चल रही लगभग 250 मांस की दुकानों को बंद करने की मांग की थी। इस आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए प्रतिबंध लागू किया। अब शहर में सभी मांस की दुकानें बंद हैं और केवल शाकाहारी भोजन ही उपलब्ध है।
सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय संदेश
यह कदम न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि इसे पशु कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश के कुछ धार्मिक शहरों में समय-समय पर सीमित या अस्थायी रोक देखने को मिलती है, लेकिन पालीताना जैसा स्थायी और पूर्ण प्रतिबंध बेहद दुर्लभ है। यही वजह है कि यह फैसला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है।
पर्यटकों के लिए जरूरी जानकारी
पालीताना आने वाले यात्रियों को ध्यान रखना चाहिए कि यहां केवल शाकाहारी भोजन ही उपलब्ध है। स्थानीय नियमों और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना अनिवार्य है। यह शहर न सिर्फ आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि शाकाहारी जीवनशैली का वैश्विक उदाहरण भी बन चुका है।