Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 03 May, 2025 04:20 PM

भारत में YouTube सिर्फ एक वीडियो प्लेटफॉर्म नहीं रहा, अब यह लोगों की कमाई और करियर का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है। बीते तीन साल में भारतीय YouTube क्रिएटर्स की जेब में कुल 21,000 करोड़ रुपये पहुंचे हैं।
इंटरनेशनल डेस्क: भारत में YouTube सिर्फ एक वीडियो प्लेटफॉर्म नहीं रहा, अब यह लोगों की कमाई और करियर का सबसे बड़ा ज़रिया बन चुका है। बीते तीन साल में भारतीय YouTube क्रिएटर्स की जेब में कुल 21,000 करोड़ रुपये पहुंचे हैं। ये आंकड़े खुद YouTube के CEO नील मोहन ने सामने रखे हैं। मुंबई में आयोजित WAVES समिट (World Audio Visual and Entertainment Summit) में बोलते हुए नील मोहन ने बताया कि भारत YouTube के लिए अब सबसे अहम बाज़ार बन गया है।
एक साल में 10 करोड़ वीडियो हुए अपलोड
नील मोहन ने खुलासा किया कि सिर्फ एक साल में भारतीय यूट्यूब चैनलों पर 100 मिलियन यानी 10 करोड़ से ज्यादा वीडियो अपलोड किए गए। इसका मतलब है कि हर दिन औसतन 27 लाख से अधिक वीडियो केवल भारत से ही डाले जा रहे हैं।
15,000 भारतीय यूट्यूबर्स ने पार किए 10 लाख सब्सक्राइबर्स
भारत में कंटेंट क्रिएटर्स तेजी से प्रोफेशनल बनते जा रहे हैं। अब तक 15,000 से ज्यादा भारतीय यूट्यूब चैनल्स ऐसे हैं जिनके 10 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं। इसका मतलब है कि YouTube अब सिर्फ शौक नहीं, कमाई और करियर का पक्का रास्ता बन चुका है। नील मोहन के मुताबिक, पिछले तीन सालों में YouTube ने भारतीय क्रिएटर्स को कुल 21,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। यह पैसा विज्ञापन, चैनल मेंबरशिप, सुपर चैट, शॉर्ट्स फंड और ब्रांड डील्स जैसे कई ज़रियों से मिला है।
अब आएगा 850 करोड़ रुपये का नया निवेश
YouTube यहीं नहीं रुकेगा। नील मोहन ने घोषणा की है कि YouTube भारत में अगले दो सालों में 850 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इस निवेश का मकसद है भारत की क्रिएटर इकोनॉमी को और मजबूत करना, मीडिया कंपनियों के साथ काम करना और नए करियर विकल्प खोलना। YouTube चाहता है कि भारतीय कंटेंट अब सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में देखा जाए। इसलिए कंपनी नए निवेश से क्रिएटर्स को टूल्स, ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी मुहैया कराएगी ताकि वे अपनी पहचान इंटरनेशनल लेवल पर बना सकें।
यूट्यूब CEO का भरोसा
नील मोहन ने कहा, "भारत में क्रिएटिविटी और टैलेंट की कोई कमी नहीं है। हम यहां के युवाओं और क्रिएटर्स में अपार संभावनाएं देखते हैं। हमारा निवेश उन्हें ग्लोबल मंच देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।"
WAVES समिट बना बड़ा मंच
इस समिट में भारत की मीडिया इंडस्ट्री, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और कंटेंट क्रिएटर्स की भागीदारी देखी गई। इसमें YouTube के अलावा कई डिजिटल कंपनियों ने भी हिस्सा लिया। नील मोहन की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि भारत अब सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि डिजिटल क्रांति का केंद्र बन चुका है।