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मेटा प्लेटफॉम्र्स अपने 22 साल के इतिहास में सबसे गंभीर कानूनी खतरों में से एक का सामना कर रहा है और यह कंपनी के लिए इससे भी बुरे समय पर नहीं आ सकता...
आज जिसे गालियां कहा जा रहा है, वे गालियां हैं ही नहीं, गालियां तो भारतीय परम्परा में सहज स्वाभाविक स्वीकार्य रही हैं। मिथिला में राम विवाह के समय की...
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आलाकमान ने पंजाब के चुनावी कुरुक्षेत्र में उतरने से पहले कांग्रेस को सुनियोजित, सुनिश्चित और सुसंगठित करने के लिए कुछ...
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बहुप्रतीक्षित इस्तीफे के कारण आंदोलनकारी छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है, लेकिन सरकार इसे अपनी...
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हाल ही में एक खबर आई थी कि 45 प्रतिशत भारतीय अब अमरीका में नहीं रहना चाहते। उन्हें लगता है कि अमरीका में न अब उनका रोजगार सुरक्षित है, न ही जीवन। इसका कारण भी है। जब सरकार के बड़े-बड़े नेताओं और अधिकारियों द्वारा प्रवासियों के खिलाफ रोज नफरत भरे बयान दिए जाएं, उन्हें अमरीकी लोगों के रोजगार का चोर बताया जाए, उन्हें नर्क से आने वाला कहा जाए, यही नहीं, नौकरी देने वालों पर यह शर्त लगाई जाए कि यदि किसी बाहरी को नौकरी दे रहे हो, तो पहले यह बताओ कि उस नौकरी के लिए क्या कोई अमरीकी उपलब्ध नहीं था?
आज की भारतीय राजनीति में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे सफल राजनीतिक दलों में से एक बन गई है। इसने कई राज्यों में चुनाव जीते हैं और अक्सर उन क्षेत्रों में भी अपना विस्तार किया है, जहां वह कभी कमजोर थी। यह बार-बार मिलने वाली सफलता संयोग मात्र नहीं है। यह सावधानीपूर्वक योजना, मजबूत नेतृत्व, अनुशासित कार्यकत्र्ताओं और लोगों के साथ गहरे जुड़ाव का परिणाम है।
हाल ही में संपन्न हुए 2026 के विधानसभा चुनावों में, 3 प्रमुख मुख्यमंत्रियों को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा, एक ऐसी स्थिति जिसे राजनीतिक क्षेत्र में कई लोग प्रक्रिया के एक चुनौतीपूर्ण हिस्से के रूप में पहचानते हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल के मुख्यमंत्री अपने चुनाव हार गए। चुनावों में जीतना और हारना राजनीति में आम बात है। हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण अडवानी जैसे कुछ राजनेताओं ने लचीलापन दिखाया और दशकों की असफलताओं को सहने के बाद भी वापसी की, जो भवि
नर्मदा नदी के बरगी बांध के दुखद हादसे के बाद सोशल मीडिया पर एक आम नागरिक की टिप्पणी ने मुझे सोचने पर मजबूर किया। उसका कहना था कि जब देश में ऊर्जा संकट बढ़ रहा है और अनावश्यक दुर्घटनाओं में कीमती जीवन समाप्त हो रहे हैं, तो वी.आई.पी. सुरक्षा के नाम पर हजारों गाडिय़ां और सुरक्षा कर्मी क्यों रात-दिन भागते रहते हैं? जबकि यही सुरक्षा कर्मी अगर यातायात, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा नियमों के कड़े अनुपालन और आपदा प्रबंधन के लिए तैनात रहें तो आम जनता को कितनी राहत मिलेगी? भारतीय मूल का 38 वर्षीय हिमांशु गुलाटी
ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा हो चुका है। जिस ऑप्रेशन ने आतंक के नैटवर्क को करारा जवाब दिया, उसने एक बात बिल्कुल साफ कर दी-आज उत्तर प्रदेश भारत की रक्षा निर्माण क्रांति का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। देश आज हमारी सेना के शौर्य का जश्न मना रहा है लेकिन उन फैक्ट्रियों, मिसाइल यूनिट्स और डिफैंस कॉरिडोर को भी पहचान मिलनी चाहिए, जो उत्तर प्रदेश की धरती पर तेजी से खड़े हो रहे हैं।
10 मई, मदर्स डे। मां को समॢपत एक ही दिन क्यों, हमारे जीवन का हर पल मां की देन है। सभ्यता की शुरुआत से ही मां को हर संस्कृति में पूजा गया। चाहे दुर्गा के रूप में, सरस्वती के रूप में, या धरती माता के रूप में। यहां तो हम अपने देश को भी भारत माता पुकार गौरवान्वित होते हैं।
भाजपा उस राजनीतिक विमर्श को भी ध्वस्त कर रही है कि उसे चुनौती देने का जो काम देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस नहीं कर पा रही, वह क्षेत्रीय दल बखूबी कर रहे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अकेले दम बहुमत और कांग्रेस के 44 सीटों पर सिमट जाने से वह विमर्श शुरू हुआ। 2019 के लोकसभा चुनाव परिणामों ने भी उसे बल प्रदान किया लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से वह कमजोर पडऩे लगा है।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों ने 3 राज्यों-केरलम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में एक नाटकीय बदलाव ला दिया है। असम और पुड्डुचेरी ने यथास्थिति के लिए वोट दिया है। चुनावों पर एक ही कहानी लिखना संभव नहीं है। हर राज्य ने एक अलग कहानी पेश की है। केरलम एक सीधी कहानी है। यू.डी.एफ. और एल.डी.एफ. दशकों से राज्य में बारी-बारी से शासन कर रहे हैं।
भारतीय समाज में मिडल क्लास लोगों की हर वक्त आॢथक हालत तंग रहना एक आम बात हो गई है। उनकी इस तंगी के लिए महंगाई के अलावा उनकी खुद की गलतियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं। ये कौन-सी गलतियां हैं, जो उनकी पैसों की तंगी खत्म नहीं होने देतीं? सबसे पहले तो मिडल क्लास की सबसे बड़ी दिक्कत पैसा कम कमाना नहीं, बल्कि कमाए हुए पैसे को गलत जगह फंसाना है। इनकी पहली गलती है दिखावे पर खर्च करना। महंगा फोन, कर्जे पर बड़ी गाड़ी, महंगी शादी, टौरबाजी पर खर्चा इत्यादि ये सब समाज को दिखाने के लिए लिया जाता है। लोन की किस्
भारत में ओपिनियन पोल यानी चुनाव पूर्व सर्वेक्षण हो या एग्जिट पोल अर्थात मतदान के बाद का सर्वेक्षण, ऐसा कोई वर्ष नहीं, जब इस पर जबरदस्त विवाद तथा तू-तू, मैं-मैं न होती हो। जिसके पराजित होने की संभावना व्यक्त होती है वह इसका विरोध करता है। हालांकि विरोध सामान्य हो या तथ्यों के आधार पर प्रश्न उठाया जाए या कोई ताॢकक आपत्ति हो तो समस्या नहीं। किंतु पिछले कुछ वर्षों से ऐसी सभी एजैंसियों और संस्थाओं को भाजपा द्वारा या सरकार द्वारा प्रायोजित बता कर उसकी साख को भी समाप्त करने का अभियान चलता है।
हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक किन्नर की याचिका पर ‘नेग’ (दक्षिणा या उपहार) के नाम पर जबरन वसूली को गैर-कानूनी करार दिया है। अदालत ने इस तरह की वसूली को भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध बताया है। यह केस उत्तर प्रदेश के गौंडा जिले के किन्नर रेखा देवी की याचिका पर सुना जा रहा था, जिसमें रेखा देवी ने अपनी जजमानी का इलाका निर्धारित करने की अदालत से मांग की थी। याचिकाकत्र्ता का कहना था कि इलाकों की भौगोलिक सीमा स्पष्ट न होने के कारण, प्राय: किन्नरों के अलग-अलग समूहों के बीच झड़पें व ङ्क्षहसा तक हो
आज की तेजी से बदलती दुनिया में, शिक्षा को अक्सर अंकों, रैंकिंग और प्रतिस्पर्धी सफलता से मापा जाता है। स्कूल गणित, विज्ञान और तकनीक जैसे विषयों पर भारी ध्यान केंद्रित करते हैं, जो नि:संदेह महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, कई कक्षाओं से धीरे-धीरे कुछ अनिवार्य चीज ओझल हो गई है-मूल्य। पुराने समय में, स्कूलों में ‘मोरल साइंस’ (नैतिक विज्ञान) नामक एक विषय होता था और सुबह की सभाएं अक्सर राष्ट्रगान और एक सरल भजन के साथ शुरू होती थीं। ये केवल अनुष्ठान नहीं थे, इन्होंने युवा दिमागों को आकार देने में एक शांत लेकिन
युवा भारत जो सशक्त हो रहा है, उसकी जड़ें भारतीय संतों की परंपरा में हैं। वक्त-वक्त पर आपस में प्रेम और सौहार्द बनाए रखना लोगों को संतों ने सिखाया। संत रविदास जी इसके अभिन्न अंग हैं। उनके काम और उनके काम के परिणामों को देखकर ही समकालीन संतों ने उन्हें संत शिरोमणि की उपाधि दी थी। संत रविदास जी एक भारतीय रहस्यवादी, कवि, समाज सुधारक और आध्यात्मिक गुरु थे, जिन्होंने भक्ति गीतों, कविताओं और आध्यात्मिक शिक्षाओं के माध्यम से भक्ति आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संत रविदास जी का जुनून सत्य की खोज था
1920 के दशक में चलचित्रों के आगमन से लेकर आज के ओ.टी.टी. तक, गतिशील छवि पीढिय़ों से एक विलक्षण स्थिरांक बनी हुई है और विस्तार से कहें तो, यह अब तक का सबसे शक्तिशाली जन-प्रभाव उपकरण है। एक सदी से अधिक समय से, जहां अन्य माध्यमों का उदय हुआ और वे पतन की ओर गए, वहीं सिनेमा का पर्दा परिवारों और युवाओं दोनों को अपने मोह में बांधे हुए है, एक सांझा अनुष्ठान जो मात्र पलायनवाद से परे है।
यू.एस. -इसराईल का ईरान के खिलाफ युद्ध कोई दूर का युद्ध नहीं है। यह पश्चिम एशिया में है, जो भारतीय उपमहाद्वीप का पड़ोसी है। लाखों भारतीय इस क्षेत्र में रहते हैं और काम करते हैं। लाखों भारतीय शिया मुसलमानों का ईरान के लोगों के साथ गहरा बंधन है। भारत ने पारंपरिक रूप से ईरान के साथ एक लंबे और ऐतिहासिक संबंध का दावा किया है। पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने ईरान के साथ घनिष्ठ व्यापारिक और आॢथक संबंधों का भी दावा किया है। इसका एक उदाहरण चाबहार बंदरगाह का विकास है। भाजपा सरकार के तहत वे दावे कमजोर हुए हैं
जीवन के संघर्षों में भी अडिग रहना संघ से सीखा। छुटपन में संघ शाखा ने जो सिखाया, उसका चेतनावचेतन में यह प्रभाव बना रहा। किसी भी संगठन को इतना व्यापक, विशाल, सक्रिय, अनुशासित बने रहना उसके लिए सौ वर्ष कोई मायने नहीं रखते। इन सौ वर्षों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने ध्येय पर खड़ा रहा कि भारत एक ‘हिंदू राष्ट्र’ है। संघ की हिंदू राष्ट्र की परिभाषा भी बड़ी विशाल है।
मेष राशि वालों आज की शुरुआत अच्छी रहेगी।आय में वृद्धि हो सकती है। परिवार के साथ आज आप कहीं घूमने का प्लान बना
वृष राशि वालों आज गृहस्थ जीवन आनन्द से भरा रहेगा। परिवार में भाई-बहनों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। वर्किंग लोगों को
मिथुन राशि वालों आज आपका दिन ठीक-ठाक रहेगा। मार्केटिंग से जुड़े लोग परेशान हो सकते हैं। स्वभाव में
कर्क राशि वालों आज का दिन अच्छा रहेगा। ऑनलाइन कामों से जुड़े बिजनेस में फायदा होगा। पति-पत्नी के बीच मधुर संबंध रहेंगे।
सिंह राशि वालों आज का दिन मिलाजुला रहेगा। मार्केटिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों को नुकसान हो सकता है। नकारात्मक विचार
कन्या राशि वालों आज दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ करें। नए काम को शुरू करने से पहले बड़ों की राय
तुला राशि वालों आज का दिन उतार- चढ़ाव भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में अपने क्रोध पर थोड़ा नियंत्रण रखें। नहीं तो भारी नुकसान हो
वृश्चिक राशि वालों कमीशन संबंधी कार्यों में सावधानी रखने की आवश्यकता है। छोटी सी गलती से बड़ा नुकसान हो सकता है।
धनु राशि वालों आज दिन ठीक-ठाक रहेगा। ऑफिस का माहौल शांतिपूर्ण बना रहेगा। कार्यक्षेत्र में अपने सहकर्मियों के साथ
मकर राशि वालों आज आपका अधिक समय यात्रा में बीतेगा। किसी से बात करते समय विनम्रता बनाए रखें, लोग आपसे काफी
कुंभ राशि वालों आज कार्यक्षेत्र में किसी से बहस हो सकती है। घर के कार्यो को लेकर मन परेशान रह सकता है। आज आपका
मीन राशि वालों आज आपको धैर्य रखने की ज़रूरत है। अपने माता-पिता के साथ कुछ समय व्यतीत करें। जीवनसाथी के
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30/07/2026 08:30 IST
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