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आज जिसे गालियां कहा जा रहा है, वे गालियां हैं ही नहीं, गालियां तो भारतीय परम्परा में सहज स्वाभाविक स्वीकार्य रही हैं। मिथिला में राम विवाह के समय की...
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की आलाकमान ने पंजाब के चुनावी कुरुक्षेत्र में उतरने से पहले कांग्रेस को सुनियोजित, सुनिश्चित और सुसंगठित करने के लिए कुछ...
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बहुप्रतीक्षित इस्तीफे के कारण आंदोलनकारी छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है, लेकिन सरकार इसे अपनी...
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खुद को विश्व शांति और स्थिरता का ठेकेदार समझने वालों को संघर्षविराम की जरूरत समझने में 40 दिन लग गए। इस अवधि में दिखाई पड़े तबाही के मंजरों के मद्देनजर कोई भी समझदार व्यक्ति संघर्ष विराम का स्वागत ही करेगा लेकिन फिर भी यह सवाल अनुत्तरित है कि आखिर इस युद्ध से हासिल क्या हुआ? 15 दिनों के लिए घोषित संघर्ष विराम के बीच अमरीका और ईरान के प्रतिनिधि पाकिस्तान में उन शर्तों पर बातचीत करेंगे, जिन पर सहमति के बाद इस युद्ध का अंत हो जाएगा।
मुंबई में रहने वालों को मुंबई नगर निगम का नेतृत्व करने के लिए एक शीर्ष स्तर के नौकरशाह को चुनने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस का आभारी होना चाहिए। मेरे शहर के प्रत्येक निवासी के लिए दो नियुक्तियां सबसे अधिक मायने रखती हैं-नगर आयुक्त और पुलिस आयुक्त की। उनके व्यक्तित्व और मूल्य प्रणालियां हर मुंबईकर के जीवन को प्रभावित करती हैं।
‘शाखा’ जैसी अद्वितीय प्रणाली के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण का कार्य संघ करता है। इसी से लाखों स्वयंसेवक तैयार हुए हैं, जिनके जीवन के आदर्श व्यवहार से समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन दिखता है। संघ की कार्यपद्धति अन्य संगठनों से भिन्न और विशिष्ट है। बाल स्वयंसेवक से लेकर सरसंघचालक तक, सभी एक ही आदेश पर कार्य करते हैं। शाखा में होने वाले छोटे-छोटे कार्यक्रमों के माध्यम से अनुशासन और संस्कार विकसित होते हैं।
दुनिया कई बार ऐसे मोड़ों पर आ खड़ी होती है, जहां शांति का हर दावा खोखला और जीत का हर शोर अधूरा लगता है। ईरान और अमरीका-इसराईल टकराव का ताजा अध्याय भी कुछ ऐसा ही है-ऊपर से सन्नाटा, भीतर से सुलगता हुआ संघर्ष। दोनों के बीच हुए 2 हफ्तों के युद्धविराम की घोषणा ने दुनिया को उस खाई के किनारे से खींच लिया, जहां हालात किसी महाविनाश की ओर बढ़ते दिख रहे थे। दोनों पक्ष खुद को विजेता बता रहे हैं लेकिन सच्चाई यह है कि यहां किसी की साफ जीत नहीं हुई, यह दोनों के लिए नुकसान का सौदा अधिक है।
दुनिया में कहीं भी, कोई भी सरकार अपने कामकाज या अपने नेताओं की आलोचना पसंद नहीं करती। सहिष्णुता की सीमा देश-दर-देश अलग होती है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस विशेष अवधि में कौन सत्ता की बागडोर संभाल रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ, केंद्र सरकार भी ऐसी सामग्री को विनियमित करने या हटाने के लिए अपनी शक्तियों को मजबूत करने की कोशिश कर रही थी, जो उसे पसंद नहीं है। इलैक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 में संशो
21वीं सदी की विकास यात्रा में हमारा भारत एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण की ओर आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में हम अपने लोकतंत्र को और मजबूत करने वाली एक बड़ी पहल के साक्षी बनने वाले हैं। यह ऐसा समय है, जब हमारे देश की संसद को एक महत्वपूर्ण दायित्व निभाना है। उसे ऐसा कदम आगे बढ़ाना है, जो हमारे लोकतंत्र को अधिक व्यापक एवं और अधिक प्रतिनिधिक बनाए। संसद का यह निर्णय महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई शक्ति देगा और लोकसभा और विधानसभा संस्थाओं में उनका उचित स्थान सुनिश्चित करेगा।
भारतीय समाज सदियों से अपने मजबूत पारिवारिक मूल्यों, आपसी प्रेम, विश्वास और सामूहिकता के लिए जाना जाता रहा है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’की भावना केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की शैली रही है। यहां रिश्तों की डोर केवल खून के संबंधों तक सीमित नहीं थी, बल्कि पड़ोसी, मित्र और समाज के हर व्यक्ति के साथ आत्मीय जुड़ाव महसूस किया जाता था। लेकिन आधुनिक समय में यह सुगंध धीरे-धीरे फीकी पड़ती महसूस होती है। रिश्तों में दरारें बढ़ रही हैं और विश्वास का आधार कमजोर होता जा रहा है।
हर साल 30 मार्च को पूरी दुनिया ‘इंटरनैशनल डे ऑफ जीरो वेस्ट’ मनाती है। 2026 में इसका फोकस भोजन की बर्बादी पर ध्यान आकॢषत करता है। यह सिर्फ एक थीम नहीं, बल्कि एक नैतिक संकट है, जो हमें सबसे दर्दनाक सच्चाई से रूबरू कराता है। जो खाना बर्बाद होता है, उसे किसी किसान ने कड़ी मेहनत से तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए उगाया था। खेत से मंडियों तक उन मजदूरों ने पहुंचाया जिन्हें खुद पेट भर खाने को नहीं मिल रहा।
1990 -91 तक हम मानते थे कि दुनिया सोवियत यूनियन और अमरीका के 2 शक्तिशाली गुटों में बंटी हुई है, परंतु सोवियत यूनियन के अंतिम कम्युनिस्ट राष्ट्रपति गर्बाच्योव के बाद सोवियत यूनियन जैसा शक्तिशाली देश विश्व राजनीति में कमजोर पड़ गया। दुनिया में अमरीका की चढ़त बन गई। अमरीका दुनिया भर के तेल भंडारों पर अपना एकाधिकार जमाना चाहता है। एक बहाना ढूंढ लेता है कि अमुक-अमुक देश के पास परमाणु बम है और अमरीका उस देश पर आक्रमण कर देता है। निकलता किसी भी देश से कुछ नहीं, परंतु अमरीका की विस्तारवादी राजनीति की वि
पिछले दिनों एक नामी बहुराष्ट्रीय कम्पनी ने सवेरे 6 बजे ई-मेल भेजकर अपने 30 हजार कर्मचारियों को हटा दिया। इनमें 12 हजार भारतीय हैं। दुनिया की बड़ी-बड़ी कम्पनियों में जैसे यह होड़ मची हुई है कि कौन कितने ज्यादा कर्मचारियों से पिंड छुड़ाता है। कोई 20 हजार निकाल रहा है, कोई 50 हजार, तो कोई कई लाख। यही नहीं, बड़ी संख्या में लोगों को हटाने के बाद यह धमकी भी जारी रहती है कि यह अंत नहीं है, अभी और लोगों को हटाना है।
ओपिनियन पोल के ताजा अनुमानों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लगातार चौथी बार ऐतिहासिक कार्यकाल हासिल करने की संभावना है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है और ममता की स्थिति को चुनौती देने के लिए पर्याप्त महत्वाकांक्षी है। इस बीच, कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सी.पी.आई.) दोनों ने अपना प्रभाव खो दिया है। ममता के लिए मुख्य संदेश यह है कि भाजपा का उदय इन पारंपरिक दलों की कीमत पर हुआ है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केवल एक राजनीतिक दल नहीं, यह उस विचार की जीवंत अभिव्यक्ति है जो सदियों से इस देश की आत्मा में बसा है-राष्ट्र सर्वोपरि है, अंत्योदय हमारा धर्म है और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद हमारी पहचान है। जब 6 अप्रैल, 1980 को भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई, तो यह केवल एक नए राजनीतिक संगठन का जन्म नहीं था, यह उन करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं का संगठन था, जो चाहते थे कि इस देश की राजनीति में ईमानदारी हो, विचार हो और राष्ट्र के प्रति समर्पण हो।
बेंगलुरु, जिसे भारत की आई.टी. राजधानी के नाम से भी जाना जाता है, पिछले दिनों एक ऐसी घटना से हिल गया, जो न केवल दिल दहला देने वाली है, बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर देती है। गत 31 मार्च को कोठानूर इलाके के एक हाई-राइज अपार्टमैंट में एक युवा तकनीकी जोड़ी ने आत्महत्या कर ली। पति भानुचंद्र रैड्डी (32) और पत्नी बीबी शाजिया सिराज (31), दोनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर, दोनों की कमाई लाखों में, अमरीका में काम का अनुभव, 80 लाख का सालाना पैकेज और सफलता की सारी बाहरी निशानियां। लेकिन अंदर से, नौकरी खोने क
सरकारी मशीनरी के नाकारा होने के कारण देश में धार्मिक आयोजनों में भगदड़ जैसे हादसे रुक नहीं रहे। इस शृंखला में नालंदा मंदिर का हादसा भी जुड़ गया है, जहां भगदड़ में 9 लोगों की जान चली गई। आठ महिलाओं की भीड़ में दबने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा। चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को शीतला अष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचे थे। वहां मेला भी लगा था।
नेपाल की बालेन सरकार एक साथ कई मोर्चों पर लड़ रही है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से खुली जंग के साथ सफेदपोश अपराधियों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। इस बीच बालेन सरकार के वित्त मंत्री स्वर्णम बाग्ले की काठमांडू में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव से मुलाकात भी चर्चा में है। इस मुलाकात की चर्चा इसलिए भी मायने रखती है क्योंकि यह परंपरा से थोड़ी हटकर थी।
नक्सल शब्द का इस्तेमाल अक्सर उनके लिए किया जाता रहा है, जो विदेशी सोच के साथ तालमेल रखकर किसी भी तरह की असमानता को खत्म करने के लिए हथियार उठाने का आह्वान करते हैं। प्रश्न यह नहीं कि नक्सलवाद समाप्त हो गया तो इसके लिए जश्न जैसा कोई आयोजन हो और सरकार की उपलब्धियों पर गर्व हो, बल्कि यह है कि क्या प्रशासन अपने रवैये से उस सोच को जड़ से समाप्त करने में सफल हुआ या होता दिख रहा है, जो विदेशों, विशेषकर उन देशों से, जिनका हमारी संस्कृति, सभ्यता और गौरवशाली विरासत से कोई तालमेल ही नहीं है, वहां से आयातित
मेष राशि वालों आज की शुरुआत अच्छी रहेगी।आय में वृद्धि हो सकती है। परिवार के साथ आज आप कहीं घूमने का प्लान बना
वृष राशि वालों आज गृहस्थ जीवन आनन्द से भरा रहेगा। परिवार में भाई-बहनों के साथ अच्छा समय बिताएंगे। वर्किंग लोगों को
मिथुन राशि वालों आज आपका दिन ठीक-ठाक रहेगा। मार्केटिंग से जुड़े लोग परेशान हो सकते हैं। स्वभाव में
कर्क राशि वालों आज का दिन अच्छा रहेगा। ऑनलाइन कामों से जुड़े बिजनेस में फायदा होगा। पति-पत्नी के बीच मधुर संबंध रहेंगे।
सिंह राशि वालों आज का दिन मिलाजुला रहेगा। मार्केटिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों को नुकसान हो सकता है। नकारात्मक विचार
कन्या राशि वालों आज दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ करें। नए काम को शुरू करने से पहले बड़ों की राय
तुला राशि वालों आज का दिन उतार- चढ़ाव भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में अपने क्रोध पर थोड़ा नियंत्रण रखें। नहीं तो भारी नुकसान हो
वृश्चिक राशि वालों कमीशन संबंधी कार्यों में सावधानी रखने की आवश्यकता है। छोटी सी गलती से बड़ा नुकसान हो सकता है।
धनु राशि वालों आज दिन ठीक-ठाक रहेगा। ऑफिस का माहौल शांतिपूर्ण बना रहेगा। कार्यक्षेत्र में अपने सहकर्मियों के साथ
मकर राशि वालों आज आपका अधिक समय यात्रा में बीतेगा। किसी से बात करते समय विनम्रता बनाए रखें, लोग आपसे काफी
कुंभ राशि वालों आज कार्यक्षेत्र में किसी से बहस हो सकती है। घर के कार्यो को लेकर मन परेशान रह सकता है। आज आपका
मीन राशि वालों आज आपको धैर्य रखने की ज़रूरत है। अपने माता-पिता के साथ कुछ समय व्यतीत करें। जीवनसाथी के
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30/07/2026 08:30 IST
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