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11 अक्तूबर को खैबर पख्तूनख्वा (के.पी.के.) में आपातकाल और राज्यपाल शासन लागू किए जाने को इस्लामाबाद द्वारा मुख्य रूप से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और...
27 अक्तूबर, 2026 को बाबासाहेब आंबेडकर की जालंधर की युगप्रवर्तक यात्रा के 75 वर्ष पूरे हो गए। यह बड़े सम्मान और गर्व की बात है कि इस यात्रा के दौरान...
व्हाट्सऐप पर संदेश फॉरवर्ड करने वाला व्यक्ति हर सुबह एक उद्देश्य के साथ जागता है। जब हममें से बाकी लोग दांत साफ कर रहे होते हैं और यह सोच रहे होते...
सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश संजय किशन कौल, जिन्होंने चार वर्षों तक भारत के मुख्य न्यायाधीश के बाद शीर्ष अदालत के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश के...
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24 जून 2026 को पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारतीय पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का निर्णायक प्रमाण। विपक्षी दलों ने इसे सत्ता पक्ष की ‘नागरिकता राजनीति’ से जोड़ा, जिससे आम नागरिकों के मन में भ्रम और आशंका पैदा हो गई। यह विवाद क्यों और कब उठा और क्या यह विवाद खड़ा करना आवश्यक था? इस विवाद की जड़ों को समझें।
एक समय था जब पंजाब का नाम ही समृद्धि का प्रतीक था। पांच नदियों की इस धरती को केवल विरासत में महानता नहीं मिली थी, बल्कि उसने अपनी मेहनत, बलिदान और भविष्य पर अटूट विश्वास के बल पर यह स्थान बनाया था। वर्ष 2022 में जिस बदलाव का वादा किया गया था, वह आज लोगों को केवल एक अधूरा सपना लगता है। पंजाब आज बढ़ते कर्ज, बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था, उद्योगों के घटते भरोसे और दिशा तलाशती अर्थव्यवस्था से जूझ रहा है। बदलाव का वादा धीरे-धीरे ठहराव में बदल गया है।
भारत में बार-बार होने वाली आग की त्रासदियां कोई आकस्मिक दुर्घटनाएं नहीं हैं। वे संस्थागत विफलता का एक ऐसा परिणाम हैं, जिसे पहले से देखा जा सकता था-आधिकारिक उपेक्षा द्वारा बर्दाश्त किया गया अवैध निर्माण, जिसे भ्रष्टाचार ने बढ़ावा दिया और कमजोर प्रवर्तन ने संरक्षण दिया। हर बार जब कोई आग किसी भीड़-भाड़ वाले बाजार, घने आवासीय ब्लॉक या अवैध रूप से बढ़ाई गई व्यावसायिक इमारत को अपनी चपेट में लेती है, तो देश की प्रतिक्रिया एक जैसी ही होती है-सदमा, दुख, गुस्सा और फिर खामोशी। दर्जनों लोग मारे जाते हैं, पर
सरकार के भरसक प्रयासों के बावजूद देश में अपराधी तत्वों की गतिविधियां लगातार जारी हैं। इनके हौसले इतने बढ़ गए हैं कि अब तो ये पुलिस थानों के परिसरों तथा मालखानों तक में रखे जब्तशुदा सामान तक पर हाथ साफ कर रहे हैं और इसमें कुछ पुलिस कर्मी भी शामिल पाए जा रहे हैं, जिनकी मात्र लगभग 5 महीनों की घटनाएं नि
मैं कई वर्षों से भारत में सामाजिक और राजनीतिक प्रवृत्तियों का अवलोकन कर रहा हूं। जो एक गहरी बहती हुई धारा प्रतीत होती है। हो सकता है कि वह वैसी न हो, और केवल एक गुजरता हुआ बादल हो। एक गुजरता हुआ बादल एक स्वागत योग्य बौछार तो ला सकता है, लेकिन वह जलवायु की कोई स्थायी विशेषता नहीं होता।
जब अमरीका और इसराईल ने जून 2025 में और फिर से फरवरी 2026 के बाद से ईरान पर बमबारी करने का फैसला किया, तब क्या ईरान परमाणु बम बनाने के करीब था? क्या यह एक और छलावा था, जैसा कि मध्य पूर्व में संयुक्त राज्य अमरीका के प्रताडि़त और जटिल इतिहास तथा 1948 से इस क्षेत्र में इसराईल के अंतहीन युद्धों के दौरा
साल 2027 में होने जा रहे पंजाब विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के लिए प्रांत के सभी राजनीतिक दलों ने सरगर्मियां शुरू कर दी हैं। एक तरफ ‘आप’, कांग्रेस, बसपा और अकाली दल के विभिन्न धड़े सत्ता पर कब्जा करने के लिए हर तरह के पापड़ बेल रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा भी ये चुनाव जीतने के लिए कई हैरान करने
भारत ऋषि-मुनियों व तपस्वियों का देश रहा है लेकिन समय के बीतने के साथ-साथ हर क्षेत्र में गिरावट का दौर तेजी से बढ़ रहा है और इसमें धर्म के क्षेत्र में भी दिखावा और प्रदर्शन ने बड़ा रूप धारण कर लिया है। खासतौर पर जिन संत-महात्माओं पर समाज को सही दिशा दिखाने का दायित्व है, इनमें भी काफी सारे सुविधाभोग
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ मुलाकात ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल की अटकलों को तेज कर दिया है। जहां भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपनी उत्तर प्रदेश इकाई में संगठनात्मक बदलाव की घोषणा की है, वहीं नए पदाधिकारियों की सूची को व्यापक सामाजिक प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक संतुलन सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। जून 2024 में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के
चरखे को घर-घर पहुंचाकर बापू गांधी ने देश को आत्मनिर्भरता का पहला पाठ पढ़ाया। आज उद्यम पर 6 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन हैं। पर सच्चाई यह है-बेटा बाप की दुकान या कारखाना संभाल रहा है, बैंक से लोन मांग रहा है, इंस्पैक्टर को ‘चाय’ पिला रहा है। यही एम.एस.एम.ई. की कहानी है, जिसे 27 जून को विश्व दिवस के रूप में मनाया जाता है।
सोशल मीडिया पर बच्चों के लिए आसानी से उपलब्ध अश्लील सामग्री चिंता का विषय है। पिछले दिनों आगरा से सामने आए एक मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि बच्चों के लिए ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म कितने सुरक्षित हैं।
जब शासक और प्रशासक अपने अधिकार क्षेत्र में सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए अपनी जिम्मेदारियों को खूबसूरत तरीके से अंजाम देने की बजाय निजी स्वार्थों की दलदल में फंसते जाएं, धार्मिक स्थानों में संस्कृति के उच्च कोटि के आदर्शों एवं मानवतावादी संदेशों के प्रचार-प्रसार के स्थान पर केवल माथा टेकना, चढ़ावा इक_ा करना और प्रसाद खाने तक सीमित हो जाएं, न्यायाधीश मामूली फैसले करने में 20 से 25 वर्ष लगा दें, जिससे फरियादी की खून-पसीने की कमाई और कीमती समय बर्बाद हो रहा हो और ईश्वर
14वें पासपोर्ट सेवा दिवस पर विदेश मंत्रालय ने एक ऐसा वक्तव्य जारी किया, जिसे शायद वे एक सामान्य प्रशासनिक स्पष्टीकरण समझ रहे थे, कि भारतीय पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का प्रमाण नहीं। इसने एक ऐसी सार्वजनिक बहस छेड़ दी, जिसकी शायद सरकार को उम्मीद नहीं थी।
भारत में हाल के दिनों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो न केवल जान-माल को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि हमारे प्रशासनिक, नियामक और शहरी नियोजन तंत्र की गहरी खामियों को भी उजागर कर रही हैं। 3 जून, 2026 को दिल्ली के मालवीय नगर में एक बैड एंड ब्रेकफास्ट होटल में लगी आग ने 22 लोगों की जान ले ली, जिनमें 12 विदेशी नागरिक शामिल थे। 22 जून को लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सैंटर वाली इमारत में लगी आग ने कम से कम 15 छात्रों की जान ले ली।
पश्चिम बंगाल में हार के कुछ ही हफ्तों के भीतर तृणमूल कांग्रेस (टी.एम.सी.) जैसी क्षेत्रीय पार्टी के अचानक पतन और शिवसेना (यू.बी.टी.) में दूसरी बार विभाजन के साथ, यह संकेत मिल गया है कि परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और समय के साथ, अन्य क्षेत्रीय पाॢटयां भी इसी राह पर चल सकती हैं।
जब भविष्य के इतिहासकार नरेंद्र मोदी युग की परिवर्तनकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का आकलन करेंगे, तो संभव है कि वे इस निष्कर्ष पर पहुंचें कि प्रधानमंत्री आवास योजना (पी.एम.ए.वाई.) वास्तव में केवल घर बनाने की योजना नहीं थी। यह सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की योजना थी। यह सशक्तिकरण की योजना थी और सबसे बढ़कर, यह उस पीढ़ीगत गरीबी के चक्र को तोडऩे का प्रयास था, जिसने दशकों तक करोड़ों भारतीय परिवारों को अपनी गिरफ्त में रखा था।
मेष राशि वालों आज का दिन आपके लिए ठीक रहेगा। आज मेहनत का बेहतरीन परिणाम मिल सकता है। नए लोगों से
वृष राशि वालों आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। व्यापार में पुराने मित्र से
मिथुन राशि वालों आज का दिन आपके लिए फेवरेबल रहेगा। आज युवाओं को नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। दफ्तर में
कर्क राशि वालों आज का दिन आपके लिए ठीक-ठाक रहेगा। ऑफिस में आपके विचारों को महत्व मिल सकता है।
सिंह राशि वालों आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। जीवनसाथी के
कन्या राशि वालों आज का दिन आपके लिए फेवरेबल रहेगा। प्रॉपर्टी के काम से क्षेत्र से जुड़े लोगों को कोई नया प्रोजेक्ट मिल
तुला राशि वालों आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। करियर में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। किसी नए काम
वृश्चिक राशि वालों आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। आर्थिक रूप से राहत बनी रहेगी। आज अचानक से किसी
धनु राशि वालों आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। व्यापार के कामकाज में तेजी बनी रहेगी। आय के नए स्रोत
मकर राशि वालों आज का दिन आपके लिए शानदार रहेगा। व्यापार में वृद्धि होने के संकेत हैं। जीवनसाथी के सहयोग से रुके हुए
कुंभ राशि वालों आज का दिन आपके लिए ठीक-ठाक रहेगा। पहले से निवेश किया गया धन वापस मिल सकता है। नौकरीपेशा
मीन राशि वालों आज का दिन आपके लिए बेहतर रहेगा। दोस्तों के साथ किसी स्थान पर घूमने जा सकते हैं। बिज़नेस में
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29/10/2026 12:30 IST
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