भारत को लग सकता है बड़ा झटका, सख्त कदम उठाने की तैयारी में America

Edited By Updated: 02 Jun, 2025 12:09 PM

america became strict on oil import from russia india may face a big blow

यूक्रेन पर रूस की हालिया बमबारी के बाद अमेरिका ने रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। अमेरिकी सीनेट के प्रभावशाली सांसदों में से एक ने रूसी कच्चे तेल के कारोबार पर कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए एक विधेयक पेश किया है, जो भारत के लिए बड़ा...

बिजनेस डेस्कः यूक्रेन पर रूस की हालिया बमबारी के बाद अमेरिका ने रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। अमेरिकी सीनेट के प्रभावशाली सांसदों में से एक ने रूसी कच्चे तेल के कारोबार पर कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए एक विधेयक पेश किया है, जो भारत के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। इस प्रस्तावित कानून में ऐसे 'द्वितीयक प्रतिबंधों' की बात की गई है, जिनके तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक का आयात शुल्क लगाया जा सकता है। इन उपायों से भारत और चीन को निशाना बनाया जाएगा।

भारत पर सीधा असर संभव

यदि यह कानून पास होता है, तो भारत द्वारा रोजाना आयात किए जाने वाले लगभग 20 लाख बैरल रूसी कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। अनुमान के मुताबिक, यह आपूर्ति प्रतिदिन करीब 15.4 करोड़ डॉलर की है। भारत ने वित्त वर्ष 2024-25 में 50 अरब डॉलर का रूसी कच्चा तेल खरीदा, जो देश के कुल तेल आयात का लगभग 35% हिस्सा है।

सीनेट में व्यापक समर्थन

इस बिल को डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों दलों का समर्थन मिल रहा है। सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंथल और डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी सीनेटर लिंडसे ग्राहम इसके मुख्य प्रस्तावक हैं। अब तक 80 से अधिक सीनेटर इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। यह विधेयक जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ विमर्श के बाद तैयार किया गया है।

भारत की स्थिति

भारत न तो अमेरिकी और न ही यूरोपीय प्रतिबंधों को आधिकारिक मान्यता देता है लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर भारतीय बैंक और रिफाइनर सतर्क रहते हैं।

रूसी तेल अब भी सस्ता

ब्रेंट क्रूड की तुलना में रूस का कच्चा तेल फरवरी में 5 डॉलर प्रति बैरल तक सस्ता था। भारतीय सीमा शुल्क आंकड़ों के अनुसार, रूसी तेल अब भी अमेरिकी और सऊदी तेल से सस्ता मिल रहा है।

तेल आपूर्ति बनी रहने की संभावना

रूस से मई में भारत को रोजाना लगभग 19 लाख बैरल तेल की आपूर्ति हुई, जो अप्रैल के मुकाबले थोड़ा कम लेकिन अब भी उच्च स्तर पर है। मई में कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 39% रही।
 

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