Bank Strike: बैंकिंग सेवाओं पर पड़ सकता है असर, 2-3 नवंबर को IDBI कर्मचारियों ने किया देशव्यापी हड़ताल का ऐलान

Edited By Updated: 23 Oct, 2026 05:16 PM

banking services may be affected nationwide strike on november 2 3

IDBI बैंक के अधिकारी और कर्मचारी 2 और 3 नवंबर 2026 को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल करेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है। ऐसे में हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, इसका वास्तविक...

नई दिल्लीः IDBI बैंक के अधिकारी और कर्मचारी 2 और 3 नवंबर 2026 को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल करेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है। ऐसे में हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, इसका वास्तविक असर कर्मचारियों की भागीदारी और संबंधित शाखाओं की स्थिति पर निर्भर करेगा।

IDBI बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों के संयुक्त मंच ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। UFBU ने 22 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में आंदोलन का समर्थन करते हुए अपने सदस्यों से भी इसमें भाग लेने की अपील की है। संगठन ने विरोध कार्यक्रमों का शेड्यूल भी जारी किया है।

ऐसे में बैंक ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे चेक क्लियरेंस, नकदी निकासी और अन्य जरूरी बैंकिंग काम समय रहते निपटा लें। हड़ताल के दौरान सेवाओं की उपलब्धता को लेकर बैंक की आधिकारिक सूचना पर नजर रखना भी जरूरी होगा।

IDBI बैंक के निजीकरण का विरोध

इस आंदोलन की प्रमुख वजह IDBI बैंक में सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की हिस्सेदारी बेचने की प्रस्तावित योजना है। सरकार और LIC की कुल 60.72% हिस्सेदारी कनाडाई निवेशक फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को बेचने की योजना का बैंक यूनियन विरोध कर रही है।

UFBU का कहना है कि IDBI बैंक मुनाफे में चल रहा है और उसके पास बड़ी संख्या में ग्राहकों की जमा राशि है। संगठन के मुताबिक, बैंक में सार्वजनिक हिस्सेदारी घटाने से सार्वजनिक क्षेत्र में उसके स्वामित्व को लेकर चिंताएं पैदा हो सकती हैं। यूनियन इस कदम को आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा के अनुरूप नहीं मानती।

सरकार के पुराने आश्वासन का दिया हवाला

UFBU ने अपने पत्र में दिसंबर 2003 में संसद में हुई चर्चा का भी उल्लेख किया है। संगठन के अनुसार, तत्कालीन वित्त मंत्री जसवंत सिंह ने IDBI को बैंकिंग कंपनी में बदलने से जुड़े विधायी बदलावों के दौरान आश्वासन दिया था कि सरकार बैंक में कम से कम 51% हिस्सेदारी बनाए रखेगी।

यूनियन का कहना है कि यह आश्वासन संसद में दर्ज किया गया था और बाद में संबंधित समिति के समक्ष भी इसकी पुष्टि हुई थी। इसी आधार पर संगठन मौजूदा विनिवेश योजना का विरोध कर रहा है।
 

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