Edited By jyoti choudhary,Updated: 08 Jan, 2026 06:12 PM

तेज उतार-चढ़ाव से भरे 2025 के बाद बिटकॉइन एक बार फिर 2026 में निवेशकों के बीच चर्चा का केंद्र बनने वाला है। इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव्स और ग्लोबल इन्वेस्टर्स का मानना है कि बिटकॉइन नई ऊंचाइयों को छू सकता है लेकिन इसके साथ भारी वोलैटिलिटी का जोखिम भी...
बिजनेस डेस्कः तेज उतार-चढ़ाव से भरे 2025 के बाद बिटकॉइन एक बार फिर 2026 में निवेशकों के बीच चर्चा का केंद्र बनने वाला है। इंडस्ट्री एग्जीक्यूटिव्स और ग्लोबल इन्वेस्टर्स का मानना है कि बिटकॉइन नई ऊंचाइयों को छू सकता है लेकिन इसके साथ भारी वोलैटिलिटी का जोखिम भी बना रहेगा। मैक्रो इकॉनमिक हालात, रेगुलेशन और निवेशकों के सेंटीमेंट को लेकर अनिश्चितता अभी खत्म नहीं हुई है।
2026 के अनुमान इतने अलग क्यों हैं?
एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 को लेकर एक्सपर्ट्स के अनुमान बेहद अलग-अलग हैं। कुछ विश्लेषकों को उम्मीद है कि बिटकॉइन करीब 17% गिरकर 75,000 डॉलर तक आ सकता है, जबकि बुलिश कैंप इसे 150% की छलांग के साथ 2,25,000 डॉलर तक पहुंचता देख रहा है। यह अंतर दिखाता है कि बाजार में भरोसे और डर—दोनों बराबर मौजूद हैं।
ऑल-टाइम हाई के बाद आया करेक्शन
अक्टूबर में बिटकॉइन 1,26,000 डॉलर के ऑल-टाइम हाई तक पहुंचा था। इसके बाद मुनाफावसूली और मैक्रो दबाव के चलते साल के अंत तक यह करीब 80,000 डॉलर तक फिसल गया। फिलहाल बिटकॉइन अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 30% नीचे ट्रेड कर रहा है। पिछले छह महीनों में इसमें करीब 16.4% की गिरावट दर्ज की गई है।
2025 की रैली क्यों टूटी?
2025 की शुरुआत में बिटकॉइन को अमेरिका में अपेक्षाकृत अनुकूल रेगुलेटरी माहौल का फायदा मिला। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शुरुआती कार्यकाल के दौरान संस्थागत निवेश बढ़ा और बैंकों जैसी पारंपरिक वित्तीय संस्थाओं की एंट्री से कीमतों को सपोर्ट मिला। डिजिटल एसेट ट्रेजरी (DAT) कंपनियों की आक्रामक खरीद ने भी रैली को हवा दी लेकिन साल के अंत में तस्वीर बदल गई। इक्विटी वैल्यूएशन महंगे लगने लगे, AI बूम के बबल बनने की आशंका बढ़ी और मैक्रो अनिश्चितता गहरी हो गई। जबरन लिक्विडेशन ने गिरावट को और तेज कर दिया, जिससे 2026 की शुरुआत चुनौतीपूर्ण माहौल में हुई।
2026 में किस रेंज में रह सकता है बिटकॉइन?
यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स की प्रोफेसर कैरोल अलेक्जेंडर का मानना है कि 2026 में बिटकॉइन 75,000 से 1,50,000 डॉलर की हाई-वोलैटिलिटी रेंज में ट्रेड कर सकता है। उनका अनुमान है कि औसत कीमत करीब 1,10,000 डॉलर के आसपास रह सकती है। उनके मुताबिक, बाजार अब रिटेल से ज्यादा संस्थागत लिक्विडिटी पर निर्भर होता जा रहा है।
संस्थागत निवेश और रेगुलेशन बनेंगे गेमचेंजर?
CoinShares के रिसर्च हेड जेम्स बटरफिल का कहना है कि 2026 में बिटकॉइन 1,20,000 से 1,70,000 डॉलर के दायरे में रह सकता है। निवेशकों की नजर इस बात पर भी है कि अमेरिकी फेड के अगले चेयर कौन होंगे और क्या डिजिटल एसेट्स से जुड़ा ‘क्लैरिटी एक्ट’ कानून बन पाता है। रेगुलेशन में स्पष्टता बिटकॉइन के लिए बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर बन सकती है।
बुलिश अनुमान अभी भी मजबूत
Maple Finance के CEO सिडनी पॉवेल को उम्मीद है कि बिटकॉइन 2026 में 1,75,000 डॉलर तक जा सकता है। वहीं Nexo का अनुमान है कि कीमतें 1,50,000 से 2,00,000 डॉलर के बीच रह सकती हैं। सप्लाई का दबाव कम होना और मजबूत पूंजी आधार लंबी अवधि में बिटकॉइन के लिए सपोर्ट बना हुआ है।