खाद्यान्न उत्पादन 2024-25 में 8% बढ़कर 35.77 करोड़ टन पर: सरकारी आंकड़ा

Edited By Updated: 21 Nov, 2025 03:05 PM

foodgrain production to rise by 8 to 357 7 million tonnes in 2024 25

देश में खाद्यान्न उत्पादन फसल वर्ष 2024-25 में आठ प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 35.77 करोड़ टन हो गया। बृहस्पतिवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। फसल वर्ष 2023-24 (जुलाई-जून) में खाद्यान्न उत्पादन 33.23 करोड़ टन रहा था। फसल वर्ष 2024-25 के लिए...

नई दिल्लीः देश में खाद्यान्न उत्पादन फसल वर्ष 2024-25 में आठ प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 35.77 करोड़ टन हो गया। बृहस्पतिवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। फसल वर्ष 2023-24 (जुलाई-जून) में खाद्यान्न उत्पादन 33.23 करोड़ टन रहा था। फसल वर्ष 2024-25 के लिए खाद्यान्न उत्पादन के अंतिम अनुमान जारी करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन किसानों के प्रयासों और उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और खरीद सहित सरकारी नीतियों का नतीजा है। 

अंतिम अनुमान के अनुसार, 2024-25 में गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड 11.79 करोड़ टन रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 11.33 करोड़ टन था। चावल का उत्पादन 2024-25 में बढ़कर रिकॉर्ड 15.02 करोड़ टन हो गया। एक साल पहले 2023-24 में यह 13.78 करोड़ टन था। मोटे अनाज का उत्पादन भी 5.69 करोड़ टन से बढ़कर 6.39 करोड़ टन हो गया। दालों का उत्पादन बढ़कर 2.57 करोड़ टन हो गया जो 2023-24 में 2.42 करोड़ टन था। गैर-खाद्यान्न श्रेणी में, तिलहनों का उत्पादन 3.97 करोड़ टन से बढ़कर 4.30 करोड़ टन हो गया। 

नकदी फसलों में, गन्ने का उत्पादन 45.46 करोड़ टन रहा जो एक साल पहले 2023-24 में 45.31 करोड़ टन था। हालांकि, कपास का उत्पादन फसल वर्ष 2024-25 में घटकर 2.97 करोड़ गांठ (एक गांठ बराबर 170 किलोग्राम) रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 3.25 करोड़ गांठ था। चौहान ने कहा कि पिछले दस वर्षों में देश का खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 2024-25 में 35.77 करोड़ टन हो गया जो 2015-16 में 25.15 करोड़ टन था। मंत्री ने अंतिम अनुमान जारी करने के बाद, भविष्य की रणनीतियों पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन' दलहन उत्पादन बढ़ाने को मजबूत गति प्रदान करेगा।  
 

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!