HDFC Bank शेयर क्रैश, 52-वीक लो पर पहुंचा, ₹1 लाख करोड़ का नुकसान

Edited By Updated: 19 Mar, 2026 01:08 PM

hdfc bank shares hit 52 week low 1 lakh crore in market cap wiped out

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank को गुरुवार को बड़ा झटका लगा, जब बैंक के चेयरमैन Atanu Chakraborty के इस्तीफे की खबर सामने आई। इस खबर के बाद बैंक का शेयर इंट्राडे में करीब 8% गिरकर ₹772 तक पहुंच गया, जो इसका नया 52-हफ्ते का निचला स्तर है।

बिजनेस डेस्कः देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank को गुरुवार को बड़ा झटका लगा, जब बैंक के चेयरमैन Atanu Chakraborty के इस्तीफे की खबर सामने आई। इस खबर के बाद बैंक का शेयर इंट्राडे में करीब 8% गिरकर ₹772 तक पहुंच गया, जो इसका नया 52-हफ्ते का निचला स्तर है।

शेयर में आई इस तेज गिरावट से बैंक का बाजार पूंजीकरण करीब ₹1 लाख करोड़ घट गया। हालांकि, बाद में शेयर में हल्की रिकवरी देखने को मिली और सुबह 10:42 बजे यह 4.53% गिरकर ₹804.80 पर कारोबार करता दिखा।

इस्तीफा तुरंत प्रभाव से लागू

Atanu Chakraborty का इस्तीफा 18 मार्च से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उनकी जगह Keki Mistry को 19 मार्च से अगले तीन महीनों के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति को Reserve Bank of India (RBI) ने मंजूरी दे दी है।

इस्तीफे की वजह: नैतिक मूल्यों का टकराव

अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए Atanu Chakraborty ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने बैंक के भीतर कुछ ऐसे कामकाज और फैसले देखे, जो उनके व्यक्तिगत और नैतिक मूल्यों से मेल नहीं खाते। हालांकि, उन्होंने किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता का सीधा आरोप नहीं लगाया है।

शेयर पर दबाव लेकिन लॉन्ग टर्म में उम्मीद

ग्लोबल ब्रोकरेज JPMorgan Chase ने इस स्टॉक को ‘न्यूट्रल’ रेटिंग देते हुए ₹1,090 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि यह इस्तीफा ऐसे समय आया है जब बैंक पहले से ही आर्थिक अनिश्चितताओं का सामना कर रहा है, जिससे निकट अवधि में शेयर पर दबाव बना रह सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, बोर्ड और मैनेजमेंट के बीच तालमेल को लेकर उठी चिंताएं निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती हैं।

निवेशकों के लिए क्या करें?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि शॉर्ट टर्म में शेयर में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म के लिए HDFC Bank के फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत बने हुए हैं। ऐसे में मौजूदा स्तर पर घबराकर बेचने के बजाय निवेशक होल्ड करने की रणनीति अपना सकते हैं।

 

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