Edited By jyoti choudhary,Updated: 21 Mar, 2023 03:48 PM

बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) प्रवर्तित कंपनी इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी (इंडियाफर्स्ट लाइफ) को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी मिल गई है। आईपीओ में 500 करोड़ रुपए तक के नए
नई दिल्लीः बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) प्रवर्तित कंपनी इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी (इंडियाफर्स्ट लाइफ) को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी मिल गई है। आईपीओ में 500 करोड़ रुपए तक के नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा कंपनी के प्रवर्तक और इसके मौजूदा शेयरधारक 14,12,99,422 शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) लाएंगे।
ओएफएस के तहत, बीओबी 8,90,15,734 शेयर बेचेगा जबकि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) 1,30,56,415 शेयरों की बिक्री करेगा। वहीं प्राथमिक हिस्सेदारी बिक्री के दौरान कार्मल पॉइंट इन्वेस्टमेंट्स इंडिया 3,92,27,273 शेयर बिक्री के लिए रखेगी। बीओबी, भारत का तीसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है। इसकी कंपनी में 65 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। इसके बाद वारबर्ग पिंकस की इकाई कार्मल पॉइंट इन्वेस्टमेंट्स इंडिया की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं यूबीआई की कंपनी में नौ प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी आईपीओ से पहले 100 करोड़ रुपए तक के निजी नियोजन पर भी विचार कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो मूल निर्गम का आकार घट जाएगा।
बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को बताया कि कंपनी ने उसके पास पिछले साल अक्टूबर में आईपीओ दस्तावेज जमा कराए थे। कंपनी को 15 मार्च को सेबी का ‘निष्कर्ष' मिला है। किसी भी कंपनी को आईपीओ लाने के लिए सेबी का ‘निष्कर्ष' जरूरी होता है। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध होंगे।