Silver Price Crash: चांदी में फिर 1980 और 2011 जैसा क्रैश आने का खतरा? रिकॉर्ड हाई से धड़ाम हुए भाव

Edited By Updated: 30 Oct, 2026 06:17 PM

silver faces a potential massive crash reminiscent of 1980 and 2011

साल 2026 की शुरुआत में चांदी ने ऐसी रफ्तार पकड़ी थी कि कीमतें आसमान छूने लगी थीं। 29 जनवरी को कॉमेक्स पर चांदी का भाव रिकॉर्ड 122 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। भारत में भी इसकी कीमत करीब 4.20 लाख रुपए प्रति किलो हो गई थी। उस वक्त

नई दिल्लीः साल 2026 की शुरुआत में चांदी ने ऐसी रफ्तार पकड़ी थी कि कीमतें आसमान छूने लगी थीं। 29 जनवरी को कॉमेक्स पर चांदी का भाव रिकॉर्ड 122 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। भारत में भी इसकी कीमत करीब 4.20 लाख रुपए प्रति किलो हो गई थी। उस वक्त एक्सपर्ट्स चांदी के 150 से 200 डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगा रहे थे लेकिन कुछ ही महीनों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 

रिकॉर्ड ऊंचाई से चांदी में भारी बिकवाली शुरू हुई और कीमतें तेजी से नीचे आने लगीं। 17 जुलाई को भाव 55 डॉलर प्रति औंस से नीचे चले गए। अगस्त में कुछ रिकवरी के बाद अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में फिर दबाव बढ़ा और पांच कारोबारी दिनों में कीमत करीब 51 डॉलर तक फिसल गई। इस गिरावट ने निवेशकों के मन में 1980 और 2011 के ऐतिहासिक क्रैश की यादें ताजा कर दी हैं। सवाल है कि क्या चांदी में फिर इतिहास दोहराया जा सकता है या मौजूदा गिरावट के बाद रिकवरी की उम्मीद है? 

चांदी की गिरावट ने बढ़ाई चिंता

23 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में कॉमेक्स पर चांदी करीब 6 फीसदी टूट गई, जबकि सोने में लगभग 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि बाजार में कमजोरी आने पर चांदी पर सोने के मुकाबले ज्यादा दबाव देखने को मिल रहा है।

मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों के मुताबिक, चांदी की कीमतों पर ब्याज दरों, डॉलर की चाल और निवेशकों की खरीद-बिक्री का सीधा असर पड़ता है। इसके अलावा सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री की मांग भी कीमतों को प्रभावित करती है। विश्लेषकों ने आशंका जताई है कि आने वाले समय में चांदी 50 डॉलर प्रति औंस के नीचे भी जा सकती है।

1980 में 90 फीसदी तक टूट गई थी चांदी

चांदी के इतिहास में 1980 की गिरावट सबसे बड़े उदाहरणों में शामिल है। जनवरी 1980 में कीमत करीब 48 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी लेकिन इसके बाद लंबी बिकवाली शुरू हुई और जून 1982 तक भाव गिरकर करीब 4.80 डॉलर प्रति औंस रह गए यानी लगभग ढाई साल में चांदी की कीमत करीब 90 फीसदी टूट गई थी। इसके बाद भी लंबे समय तक कीमतें निचले स्तरों पर बनी रहीं।

2011 की तेजी के बाद भी आई थी बड़ी गिरावट

साल 2011 में भी चांदी ने जोरदार तेजी दिखाई थी। अप्रैल 2011 में इसका भाव करीब 49 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। लेकिन यह तेजी ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी। जून 2013 तक कीमत करीब 18 डॉलर और नवंबर 2015 तक लगभग 13 डॉलर प्रति औंस पर आ गई थी।

इसके बाद करीब एक दशक तक चांदी मोटे तौर पर 11 से 35 डॉलर के दायरे में कारोबार करती रही। अप्रैल 2025 से शुरू हुई नई तेजी ने इसे जनवरी 2026 में 122 डॉलर तक पहुंचा दिया।
 
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!