Edited By jyoti choudhary,Updated: 07 Feb, 2026 04:36 PM

रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। कुछ ही दिनों में भारी करेक्शन से कई निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है और अब उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है—रुकें, बेचें या फिर गिरावट में नई खरीदारी करें? बाजार...
बिजनेस डेस्कः रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। कुछ ही दिनों में भारी करेक्शन से कई निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है और अब उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है—रुकें, बेचें या फिर गिरावट में नई खरीदारी करें? बाजार में बढ़ती वोलैटिलिटी और कमजोर शॉर्ट-टर्म सेंटिमेंट के बीच एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को जल्दबाजी से बचने और सोच-समझकर रणनीति बनाने की सलाह दी है। ऐसे में जानिए मौजूदा हालात में सिल्वर निवेशकों को क्या कदम उठाने चाहिए और आगे बाजार की दिशा क्या रह सकती है।
जनवरी के आखिर तक सातवें आसमान पर पहुंची चांदी अब भारी दबाव में है। 29 जनवरी को MCX पर सिल्वर 4,20,048 रुपए प्रति किलो और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 121 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था।
एक हफ्ते में 41% टूटे भाव
29 जनवरी के ऑल-टाइम हाई से चांदी करीब 41% गिर चुकी है। 6 फरवरी को MCX पर सिल्वर फ्यूचर्स 2,49,499 रुपए प्रति किलो पर आ गया। इससे पहले 2 फरवरी को कीमतें गिरकर 2,26,803 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई थीं। हल्की रिकवरी के बावजूद सिल्वर ETF और फिजिकल निवेशकों को अभी तक बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है।
शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना
UBS के मुताबिक, ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट बदलने से चांदी पर दबाव आया है, हालांकि इसके फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं। निवेश मांग बढ़ने तक कीमतों का 85 डॉलर प्रति औंस से ऊपर टिकना मुश्किल माना जा रहा है।
लॉन्ग टर्म आउटलुक अभी भी पॉजिटिव
विश्लेषकों का मानना है कि गिरावट के बावजूद लंबी अवधि में चांदी को सपोर्ट मिल सकता है। ब्याज दरों में नरमी, डॉलर पर निर्भरता कम होना और वैश्विक आर्थिक सुधार की उम्मीदें कीमतों को सहारा दे सकती हैं। सप्लाई-डिमांड गैप भी बड़ा रहने का अनुमान है। कुछ एक्सपर्ट्स ने 60–65 डॉलर के स्तर को निवेश के लिए आकर्षक बताया है, जबकि लंबी अवधि में 134 डॉलर प्रति औंस तक का लक्ष्य दिया गया है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति?
जिन्हें तुरंत पैसे की जरूरत नहीं है, वे लंबी अवधि के लिए निवेश बनाए रख सकते हैं। वहीं, शॉर्ट टर्म निवेशक तेजी के दौरान धीरे-धीरे मुनाफावसूली कर सकते हैं। नए निवेशकों को कीमतें 60–65 डॉलर के आसपास आने पर ही लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।