Edited By jyoti choudhary,Updated: 28 Jan, 2026 03:05 PM

दुनियाभर में अमेरिकी डॉलर की तेज कमजोरी ने सिल्वर मार्केट में जबरदस्त उछाल ला दिया है। ग्लोबल मार्केट में चांदी 115 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई है, जबकि घरेलू बाजार में MCX पर इसका भाव 3.83 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक चढ़ गया। चांदी का पिछला बंद...
बिजनेस डेस्कः दुनियाभर में अमेरिकी डॉलर की तेज कमजोरी ने सिल्वर मार्केट में जबरदस्त उछाल ला दिया है। ग्लोबल मार्केट में चांदी 115 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई है, जबकि घरेलू बाजार में MCX पर इसका भाव 3.83 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक चढ़ गया। चांदी का पिछला बंद भाव 3,56,279 रुपए था जबकि आज (28 जनवरी) कारोबार के दौरान 3,83,100 रुपए के हाई लेवल पर पहुंच गया था।
डॉलर के चार साल के निचले स्तर पर फिसलने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कमजोर डॉलर को लेकर बेपरवाह रुख ने निवेशकों की सेफ-हेवन डिमांड को अचानक बढ़ा दिया है। वॉशिंगटन की अनिश्चित नीतियों ने इस तेजी को और हवा दी है।
डॉलर की गिरावट बनी रैली की सबसे बड़ी वजह
अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने के पीछे ट्रंप का वह बयान अहम माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें डॉलर की गिरावट की कोई चिंता नहीं है। बाजार इसे इस संकेत के तौर पर देख रहा है कि अमेरिका निर्यात को सपोर्ट देने के लिए कमजोर डॉलर की नीति अपना सकता है।
कमजोर डॉलर का सीधा फायदा सोना-चांदी जैसे कीमती धातुओं को मिलता है। वहीं, फेडरल रिजर्व की आलोचना, रेसिप्रोकल टैरिफ की धमकियां और नीति-स्तर पर अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर मोड़ दिया है।
चीन की रिटेल डिमांड ने बढ़ाया जोर
चीन में सिल्वर की मांग विस्फोटक रूप से बढ़ी है। वहां एक केवल-सिल्वर फंड को अत्यधिक खरीदारी के चलते ट्रेडिंग तक रोकनी पड़ी, क्योंकि उसका प्रीमियम नेट एसेट वैल्यू से काफी ऊपर चला गया था। इसके अलावा, चीनी मैन्युफैक्चरर्स ज्वेलरी के बजाय अब 1 किलो के सिल्वर बार बनाने पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं, क्योंकि निवेश-ग्रेड चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है।
MCX पर आक्रामक खरीदारी
भारत में भी इंटरनेशनल ट्रेंड का असर साफ दिख रहा है। MCX पर चांदी 3.83 लाख रुपए तक पहुंच गई है और घरेलू ट्रेडर्स आक्रामक खरीदारी कर रहे हैं।