Edited By jyoti choudhary,Updated: 12 Jan, 2026 05:50 PM

पिछले साल चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया और करीब 170% की ऐतिहासिक तेजी दर्ज की। घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि चांदी की रफ्तार अभी थमी नहीं है और यह कीमती धातु 2026 में नया रिकॉर्ड बना सकती है। ब्रोकरेज ने MCX पर चांदी का...
बिजनेस डेस्कः पिछले साल चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया और करीब 170% की ऐतिहासिक तेजी दर्ज की। घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि चांदी की रफ्तार अभी थमी नहीं है और यह कीमती धातु 2026 में नया रिकॉर्ड बना सकती है। ब्रोकरेज ने MCX पर चांदी का 2026 टारगेट 3,20,000 रुपए प्रति किलो तय किया है।
ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक व्यापार को लेकर अनिश्चितता, नरम मौद्रिक नीति, ईटीएफ में बढ़ता निवेश, सप्लाई की कमी और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने चांदी और सोने की कीमतों को ऊंचाई तक पहुंचाया।
तय समय से पहले पूरे हुए लक्ष्य
मोतीलाल ओसवाल ने 2025 की शुरुआत में सोने के 84,000 रुपए और चांदी के 1,10,000 रुपए तक पहुंचने का अनुमान लगाया था लेकिन ये लक्ष्य उम्मीद से कहीं पहले हासिल हो गए।
- सोना पहली तिमाही में ही 84,000 रुपए पर पहुंचा और अब 1,41,407 रुपए के रिकॉर्ड स्तर तक गया।
- वहीं चांदी दूसरी तिमाही में 88,000 रुपए को पार कर 2,64,640 रुपए प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई।
इंडस्ट्रियल डिमांड बनी बड़ी वजह
ब्रोकरेज के अनुसार, चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया क्योंकि इसका इस्तेमाल सिर्फ निवेश ही नहीं बल्कि सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, विद्युतीकरण और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ा है।
2025 में चांदी की औद्योगिक मांग अपने दूसरे सबसे ऊंचे स्तर पर रही, जिससे बाजार लगातार पांचवें साल घाटे में बना रहा।
2026 का आउटलुक
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि 2026 की पहली छमाही में चांदी की मजबूती बनी रह सकती है। दूसरी छमाही का रुख वैश्विक आर्थिक संकेतकों और मौद्रिक नीति पर निर्भर करेगा। ब्रोकरेज ने चांदी के लिए ‘Buy on Dips’ की रणनीति अपनाने की सलाह दी है।