Edited By jyoti choudhary,Updated: 22 May, 2026 03:32 PM

तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी दर्ज की गई। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में प्रगति की उम्मीदों ने भी निवेशकों का मनोबल बढ़ाया है। बीएसई सेंसेक्स 231.99 अंक चढ़कर 75,415.35 अंक पर जबकि...
मुंबईः प्रमुख बैंकों के शेयरों में लिवाली और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख के बीच शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 232 अंक की तेजी में रहा जबकि निफ्टी 65 अंक चढ़ गया। विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की दिशा में प्रगति की उम्मीदों से निवेश धारणा को समर्थन मिला। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 231.99 अंक यानी 0.31 प्रतिशत बढ़कर 75,415.35 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स में एक समय 627.61 अंक तक की तेजी दर्ज की गई थी। इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी 64.60 अंक यानी 0.27 प्रतिशत बढ़कर 23,719.30 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से ट्रेंट लिमिटेड, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयर प्रमुख रूप से बढ़त में रहे। दूसरी तरफ, सन फार्मा, आईटीसी लिमिटेड, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "घरेलू बाजारों में हल्की बढ़त के साथ कारोबार हुआ। इसे निचले स्तरों पर खरीदारी और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद के बीच सकारात्मक वैश्विक संकेतों से समर्थन मिला।" नायर ने कहा कि घरेलू स्तर पर वित्तीय शेयरों ने इस बढ़त का नेतृत्व किया जबकि वैश्विक स्तर पर एआई में निवेश का मुद्दा प्रमुख कारक बना रहा। व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.30 प्रतिशत की बढ़त में रहा जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप सूचकांक में 0.60 प्रतिशत की गिरावट रही।
क्षेत्रवार सूचकांकों में निजी बैंक सूचकांक 1.35 प्रतिशत की बढ़त में रहा जबकि शीर्ष 10 बैंकों का सूचकांक 1.23 प्रतिशत, बैंक सूचकांक 1.18 प्रतिशत और दूरसंचार खंड 0.93 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,213 शेयरों में तेजी रही जबकि 1,971 शेयरों में गिरावट रही और 179 अन्य अपरिवर्तित रहे। नायर ने कहा कि बाजार सीमित दायरे में बना हुआ है, जहां घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की मजबूत खरीदारी से गिरावट पर लगाम है जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली तेजी को सीमित कर रही है। उन्होंने कहा कि बाजार में 'गिरावट पर खरीदारी' और 'तेजी पर मुनाफावसूली' का रुझान बना हुआ है। साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स में कुल 177.36 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की तेजी रही जबकि एनएसई निफ्टी 75.8 अंक यानी 0.32 प्रतिशत बढ़त में रहा।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.3 प्रतिशत बढ़कर 104.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में दोपहर कारोबार में तेजी का रुख था। अमेरिकी बाजार पिछले सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले सत्र में 1,891.21 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। बृहस्पतिवार को बीएसई सेंसेक्स 135.03 अंक गिरकर 75,183.36 अंक और एनएसई निफ्टी 4.30 अंक फिसलकर 23,654.70 अंक पर बंद हुआ था।