Edited By Ramanjot,Updated: 19 Jan, 2026 09:06 PM

भारतीय जनता पार्टी आज देश की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बन चुकी है, लेकिन यह मुकाम एक दिन में नहीं मिला। 1980 में गठन के बाद से अब तक पार्टी ने कई सियासी दौर देखे हैं और हर दौर में अलग-अलग दिग्गज नेताओं ने संगठन की कमान संभाली।
BJP National Presidents List: भारतीय जनता पार्टी आज देश की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बन चुकी है, लेकिन यह मुकाम एक दिन में नहीं मिला। 1980 में गठन के बाद से अब तक पार्टी ने कई सियासी दौर देखे हैं और हर दौर में अलग-अलग दिग्गज नेताओं ने संगठन की कमान संभाली। बीजेपी का इतिहास उसके राष्ट्रीय अध्यक्षों के नामों से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने पार्टी को शून्य से शिखर तक पहुंचाया।
अटल बिहारी वाजपेयी: बीजेपी के पहले अध्यक्ष
बीजेपी के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी बने। 1980 से 1986 तक उन्होंने पार्टी का नेतृत्व किया। यह वह दौर था जब बीजेपी नई-नई राजनीति में अपनी पहचान बना रही थी। अटल ने संगठन को विचारधारा की नींव दी और पार्टी को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की शुरुआत की।
लालकृष्ण आडवाणी: आक्रामक राजनीति और विस्तार का दौर
1986 में पार्टी की कमान लालकृष्ण आडवाणी को सौंपी गई। आडवाणी ने बीजेपी को जनआंदोलन की राजनीति से जोड़ा। राम मंदिर आंदोलन उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी पहचान बना। उनके नेतृत्व में बीजेपी 2 सीटों से बढ़कर सैकड़ों सीटों वाली पार्टी बनी और राष्ट्रीय राजनीति में निर्णायक शक्ति बनकर उभरी।
मुरली मनोहर जोशी: राष्ट्रवाद की धार
1991 में मुरली मनोहर जोशी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उनके कार्यकाल में तिरंगा यात्रा और लाल चौक पर झंडा फहराने जैसे कदमों ने राष्ट्रवाद को नई धार दी। इसी दौर में अयोध्या आंदोलन अपने चरम पर पहुंचा।
दोबारा आडवाणी और सत्ता का रास्ता
1993 से 1998 तक लालकृष्ण आडवाणी दोबारा बीजेपी अध्यक्ष बने। इसी कार्यकाल में बीजेपी पहली बार केंद्र की सत्ता तक पहुंची और 13 महीने की सरकार बनी। यह पार्टी के लिए ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ।
कुशाभाऊ ठाकरे: संगठन के स्तंभ
1998 में कुशाभाऊ ठाकरे को पार्टी की कमान सौंपी गई। उन्हें बीजेपी का पितृपुरुष कहा जाता है। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया, खासकर मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में।
बंगारू लक्ष्मण: पहला दलित अध्यक्ष
साल 2000 में बंगारू लक्ष्मण बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। वे पार्टी के पहले दलित अध्यक्ष थे। हालांकि तहलका कांड के कारण उनका कार्यकाल छोटा रहा।
जेना कृष्णमूर्ति और वेंकैया नायडू
2001 में जेना कृष्णमूर्ति और 2002 से 2004 तक वेंकैया नायडू ने पार्टी का नेतृत्व किया। वेंकैया नायडू के अध्यक्ष रहते 2004 का लोकसभा चुनाव हुआ, हालांकि ‘इंडिया शाइनिंग’ अभियान सफल नहीं हो सका।
राजनाथ सिंह: संगठन और सत्ता के बीच संतुलन
2005 में राजनाथ सिंह बीजेपी अध्यक्ष बने।
उन्होंने संगठन को स्थिरता दी और 2013 में एक बार फिर अध्यक्ष बनकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित किया।
नितिन गडकरी: संगठन को आधुनिक रूप
2010 में नितिन गडकरी राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उन्होंने पार्टी संगठन को आधुनिक और प्रोफेशनल ढांचे में ढालने की कोशिश की।
अमित शाह: पार्टी का ऐतिहासिक विस्तार
2014 में अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उनके नेतृत्व में पार्टी ने ऐतिहासिक विस्तार किया। 2014 और 2019—दोनों लोकसभा चुनावों में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला। संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति के लिए यह दौर याद किया जाता है।
जेपी नड्डा: सत्ता की हैट्रिक वाला नेतृत्व
2020 में जेपी नड्डा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उनके कार्यकाल में बीजेपी ने 2024 का लोकसभा चुनाव जीतकर सत्ता की हैट्रिक लगाई और इतिहास रच दिया।
पार्टी का सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष: नितिन नबीन
अब बीजेपी को अपना 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने जा रहा है। नितिन नबीन का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। वे पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे और बीजेपी के 45 साल के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेंगे।