Ayodhya 84 Kosi Parikrama: बस्ती के मखौड़ा से शुरू हुई 84 कोसी परिक्रमा, एक-एक कदम पर मिलेगा अश्वमेध यज्ञ का फल

Edited By Updated: 08 Apr, 2023 10:34 AM

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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले मे मखधाम 'मखौड़ा' से शुक्रवार को 84 कोसी परिक्रमा का शुभारम्भ हो गया। आधिकारिक सूत्रो ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि परंपरागत ढंग से मखधाम 'मखौड़ा'

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बस्ती (वार्ता): उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले मे मखधाम ''मखौड़ा'' से शुक्रवार को 84 कोसी परिक्रमा का शुभारम्भ हो गया। आधिकारिक सूत्रो ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि परंपरागत ढंग से मखधाम ''मखौड़ा'' से 84 कोसी परिक्रमा का शुभारम्भ उत्तर प्रदेश के अलावा हरिद्वार, जोशीमठ, बिहार, महाराष्ट्र सहित कई अन्य प्रदेश के श्रद्वालुओं द्वारा शुरू कर दिया गया है। परिक्रमा में शामिल श्रद्वालु पहली रात रामरेखा मन्दिर में विश्राम करेंगे। जहां पर सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है।  

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दूसरे दिन श्रद्धालुओं का डेरा हनुमान बाग चकोही में विश्राम करेंगे। उसके अगले दिन सेरवा घाट पर सरयू नदी को पार करके श्रृंगी ऋषि आश्रम गोसाईगंज अयोध्या पहुंचेगे। वहां पर आराम करने के बाद उसके अगले दिन अम्बेडकर नगर जिले में प्रवेश करके दोबारा अयोध्या महादेवा घाट पर पहुंच कर तमसा नदी को पार करेंगे। अयोध्या के तारुन विकास खण्ड के आगा गंज टिकरी में संत और श्रद्धालु विश्राम करेंगे और भोजन करने के बाद कीर्तन-भजन करेंगे।

इसके बाद अगला पड़ाव अयोध्या के भगनरामपुर सूर्यकुंड पर होगी। सीता कुंड, बीकापुर, इनायतनगर, ढमोवैस्य, जनमेजय कुंड, रूधौली, पटरंगा, बैलखरा, टिकैतन सहित अन्य स्थानों से होकर मखधाम ''मखौड़ा'' में 29 अप्रैल को पहुंचेगे। उसके बाद वहां पर पूजन-अर्चन किया जायेगा। उसके बाद भंडारे का आयोजन होगा फिर यात्रा की समाप्ति होगी। सूत्रों ने यह भी बताया कि इस यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालु नंगे पांव चल कर यात्रा पूरी करेंगे। परिक्रमा के मार्ग पर साधु-संतों द्वारा कथा का आयोजन भी किया जायेगा। इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबन्ध किये गये हैं। गौरतलब है कि 84 कोस की परिक्रमा 84 लाख योनियों से छुटकारा पाने के लिए है। परिक्रमा लगाने से एक-एक कदम पर जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं। शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि इस परिक्रमा के करने वालों को एक-एक कदम पर अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है।

PunjabKesari kundli

 

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