Banke Bihari Mandir News : बांके बिहारी मंदिर की बदली सूरत! अब दर्शन में नहीं होगी धक्का-मुक्की, जानें किसने बदली ये पूरी व्यवस्था

Edited By Updated: 19 Feb, 2026 09:31 AM

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वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने वाले लाखों भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।

Banke Bihari Mandir News : वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने वाले लाखों भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। अब भक्तों को मंदिर के अंदर उस भारी धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का सामना नहीं करना पड़ेगा, जो अक्सर उत्सवों और Weekends पर देखने को मिलती थी।

किसने लिया यह बड़ा फैसला ?
बांके बिहारी मंदिर की इस पूरी व्यवस्था को बदलने का श्रेय सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित High-Powered Management Committee को जाता है। इस कमेटी की अध्यक्षता इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज अशोक कुमार कर रहे हैं। इसमें जिला जज, जिलाधिकारी और गोस्वामी समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हैं। कमेटी का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दर्शन के अनुभव को आध्यात्मिक बनाना है।

क्या-क्या बदल गया ? दर्शन की नई सूरत
21 टन की स्लाइडिंग स्टील रेलिंग: मंदिर के प्रांगण में लगभग 21,000 किलो वजन की अत्याधुनिक स्टील रेलिंग लगाई गई है। यह रेलिंग मंदिर के गेट नंबर 3 से शुरू होकर निकास द्वार तक जाती है, जिससे भक्त एक निश्चित कतार में ही आगे बढ़ते हैं और भीड़ एक जगह जमा नहीं हो पाती।

जगमोहन से दर्शन: अब ठाकुर जी के दर्शन केवल गर्भगृह के अंदर से नहीं, बल्कि बाहर जगमोहन में विराजकर कराए जाएंगे। इससे भक्तों को दूर से भी स्पष्ट दर्शन मिल सकेंगे और मंदिर के अंदर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

लाइव स्ट्रीमिंग की शुरुआत: जो भक्त भीड़ की वजह से मंदिर नहीं आ सकते, उनके लिए 25 फरवरी 2026 से दर्शन की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की जा रही है। अब आप दुनिया के किसी भी कोने से बांके बिहारी जी के साक्षात दर्शन कर सकेंगे।

आर्टिफिशियल सजावट पर रोक: मंदिर को अब गुब्बारों या प्लास्टिक के फूलों से नहीं, बल्कि प्राकृतिक फूलों और पत्तियों से सजाया जाएगा। इससे मंदिर की दिव्यता और पौराणिक सुंदरता वापस लौट आई है।

अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग: एंट्री और एग्जिट के लिए पूरी तरह से अलग रास्ते निर्धारित किए गए हैं, जिससे आने-जाने वाले भक्तों के बीच टकराव नहीं होता।

भक्तों को मिला सुकून
हाल ही में लागू हुई इस नई व्यवस्था का ट्रायल सफल रहा है। मंदिर आए श्रद्धालुओं का कहना है कि अब दर्शन में पहले जैसा तनाव नहीं रहा। लोग शांति से कतार में लगकर अपने आराध्य की एक झलक पा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि आने वाले होली उत्सव के दौरान यह व्यवस्था भीड़ को संभालने में 'गेम चेंजर' साबित होगी।

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