Edited By Sarita Thapa,Updated: 01 Feb, 2026 10:57 AM

वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में इन दिनों सुरक्षा और परंपरा को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर के गर्भगृह के चांदी के दरवाजों और देहरी की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, जिसका मंदिर के...
Banke Bihari CCTV Controversy 2026 : वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में इन दिनों सुरक्षा और परंपरा को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर के गर्भगृह के चांदी के दरवाजों और देहरी की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, जिसका मंदिर के सेवायतों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है।
चांदी की सुरक्षा या परंपरा ?
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे थे कि मंदिर की 'चंदन कोठरी' और देहरी से चांदी चोरी हो रही है। हालांकि, मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि चांदी चोरी नहीं हुई है, बल्कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले केमिकल युक्त इत्र के कारण चांदी का क्षरण हो रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हाई पावर्ड कमेटी ने शनिवार को गर्भगृह के मुख्य द्वार चंदन कोठरी के सामने सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए।
सेवायतों का विरोध और तर्क
मंदिर के सेवायत गोस्वामी समाज और उनके परिवार की महिलाओं ने इस कदम का पुरजोर विरोध किया है। सेवायतों का कहना है कि इसी चंदन कोठरी के द्वार से ठाकुर श्रीबांकेबिहारी जी को गर्भगृह से बाहर जगमोहन में लाया जाता है। कैमरे लगने से ठाकुरजी के आने-जाने के निजी दृश्य रिकॉर्ड होंगे, जो मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा और मर्यादा के खिलाफ है।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि रंगभरनी एकादशी से पहले इन कैमरों को नहीं हटाया गया, तो वे स्वयं इन्हें हटा देंगे।
प्रबंधन का पक्ष
मंदिर प्रबंधन कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने बताया कि ये कैमरे केवल सुरक्षा के उद्देश्य से लगाए गए हैं। जब भी ठाकुरजी को विशेष पर्वों पर बाहर लाया जाएगा, उस समय न केवल ये बल्कि जगमोहन के अन्य कैमरे भी हटा दिए जाएंगे ताकि निजता बनी रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सेवायत निजी तौर पर वहां कैमरे लगाते रहे हैं, तब किसी ने विरोध नहीं किया।
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