Char Dham Yatra 2026 : बदरीनाथ-केदारनाथ धाम को लेकर बड़ा फैसला, गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक और 121 करोड़ का बजट पारित

Edited By Updated: 11 Mar, 2026 11:39 AM

char dham yatra 2026

Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बदरीनाथ और केदारनाथ धाम से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है। मंगलवार को हुई बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) की बैठक में तय किया गया कि अब इन दोनों धामों में गैर सनातनी लोगों के प्रवेश पर...

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Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बदरीनाथ और केदारनाथ धाम से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है। मंगलवार को हुई बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) की बैठक में तय किया गया कि अब इन दोनों धामों में गैर सनातनी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

देहरादून के कैनाल रोड स्थित कार्यालय के पास आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने की। बैठक में आने वाले यात्रा सत्र 2026–27 को ध्यान में रखते हुए 121.07 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट भी सर्वसम्मति से मंजूर किया गया।

पारित बजट के अनुसार बदरीनाथ धाम के लिए लगभग 57.47 करोड़ रुपये और केदारनाथ धाम के लिए करीब 63.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में अनुमानित आय के मुकाबले 99.45 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे यात्रा व्यवस्था और धामों के विकास कार्यों को बेहतर बनाया जा सके।

बैठक के दौरान मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने पिछली बोर्ड बैठक के फैसलों पर हुई कार्रवाई की जानकारी दी और नए वित्तीय वर्ष का बजट प्रस्तुत किया। इस दौरान यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाने और धामों में धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि चारधाम यात्रा का शुभारंभ अप्रैल से होने जा रहा है, इसलिए यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए समिति ने विभिन्न व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि बदरीनाथ धाम में पुनर्विकास के कार्य अभी जारी हैं।

बैठक में समिति के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिनमें उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, विजय कपरवाण, धीरज मोनू पंचभैया, महेंद्र शर्मा, प्रह्लाद पुष्पवान, देवी प्रसाद देवली, राजेंद्र प्रसाद डिमरी, डॉ. विनीत पोस्ती, नीलम पुरी, दिनेश डोभाल, राजपाल जड़धारी, राजकुमार तिवारी और रजनीश भट्ट समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।

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