Edited By Prachi Sharma,Updated: 29 Mar, 2026 12:14 PM

Char Dham Yatra 2026 : वैश्विक अस्थिरता और पश्चिम एशिया के बढ़ते संकट के बीच, उत्तराखंड की 'धामी सरकार' आगामी चारधाम यात्रा को लेकर खासी मुस्तैद नजर आ रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस की संभावित कमी का असर तीर्थयात्रियों...
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Char Dham Yatra 2026 : वैश्विक अस्थिरता और पश्चिम एशिया के बढ़ते संकट के बीच, उत्तराखंड की 'धामी सरकार' आगामी चारधाम यात्रा को लेकर खासी मुस्तैद नजर आ रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस की संभावित कमी का असर तीर्थयात्रियों और स्थानीय व्यवसायियों पर न पड़े।
वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था
गैस सिलेंडरों की किल्लत की स्थिति में होटल और ढाबा संचालकों को राहत देने के लिए सरकार जलौनी लकड़ी को विकल्प के रूप में पेश कर रही है। इसके लिए उत्तराखंड वन विकास निगम यात्रा मार्गों के प्रमुख पड़ावों पर अस्थायी डिपो खोलने की योजना बना रहा है।
आपूर्ति सुनिश्चित करने के स्रोत
लकड़ी की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए वन विभाग ने कई रणनीतियां बनाई हैं। वन विकास निगम के पास वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में जलौनी लकड़ी उपलब्ध है, जिसे पहाड़ी क्षेत्रों के डिपो में ही खपाने की तैयारी है। होप्लो कीट से प्रभावित और सूख रहे पेड़ों के कटान की संभावना तलाशी जा रही है, ताकि उन्हें ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। वनाग्नि को रोकने के लिए बनाई जाने वाली 'फायर लाइनों' से हटाए जाने वाले पेड़ों का उपयोग भी इस कमी को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
सरकार और प्रशासन की सक्रियता
वन मंत्री सुबोध उनियाल और प्रमुख मुख्य वन संरक्षक आर.के. मिश्र ने स्पष्ट किया है कि विभाग और निगम मिलकर सभी पहलुओं पर मंथन कर रहे हैं। उपयुक्त स्थानों की सूची मांगी गई है ताकि यात्रियों और स्थानीय निवासियों को ईंधन के लिए भटकना न पड़े।