Char Dham Yatra 2026 : श्रद्धालुओं के लिए राहत या सख्ती? हाई कोर्ट के अल्टीमेटम के बाद अब नए नियमों में होगी चारधाम यात्रा

Edited By Updated: 13 Apr, 2026 09:11 AM

char dham yatra 2026

चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत से पहले उत्तराखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त अल्टीमेटम देते हुए तीर्थयात्रियों की सुविधा और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

Char Dham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत से पहले उत्तराखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त अल्टीमेटम देते हुए तीर्थयात्रियों की सुविधा और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। अदालत ने साफ किया है कि यात्रा व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

Char Dham Yatra 2026

हाई कोर्ट का सख्त रुख और अल्टीमेटम
मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने सरकार द्वारा तैयार की गई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को नाकाफी बताते हुए इसमें 3 सप्ताह के भीतर संशोधन करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि व्यवस्थाएं ऐसी हों जिससे न तो श्रद्धालुओं को असुविधा हो और न ही बेजुबान जानवरों पर क्रूरता। केदारनाथ और यमुनोत्री जैसे पैदल मार्गों पर घोड़े-खच्चरों के साथ होने वाली बर्बरता पर कोर्ट ने गहरी चिंता जताई। कोर्ट ने निर्देश दिया कि पशुओं के लिए मार्गों पर चिकित्सालय और बीमार पशुओं के लिए इंफर्मरी की सुविधा जल्द से जल्द तैयार की जाए। कोर्ट ने यात्रा के दौरान पशुओं के संरक्षण और रसद (logistics) प्रबंधन की निगरानी के लिए एक 18 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी का गठन किया है। यह समिति जमीनी हकीकत पर नजर रखेगी।

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तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन
कोर्ट ने सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भीड़ और घोड़े-खच्चरों की संख्या वहां की Carrying Capacity के अनुसार ही हो।  श्रद्धालुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, रहने-खाने का उचित प्रबंध और सीसीटीवी (CCTV) के जरिए पूरी यात्रा की डिजिटल निगरानी करने के सुझाव दिए गए हैं।

सरकार की तैयारी और चुनौती
एक तरफ जहां हाई कोर्ट व्यवस्थाओं को लेकर सख्त है, वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि शुरुआत में श्रद्धालुओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी जाएगी, ताकि भक्त आसानी से दर्शन कर सकें। सरकार ने आश्वासन दिया है कि यात्रा को सुव्यवस्थित बनाने के लिए AI आधारित निगरानी और स्लोट-आधारित ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली को और मजबूत किया जा रहा है।

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