Edited By Sarita Thapa,Updated: 02 Apr, 2026 10:16 AM

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष हेल्थ मास्टर प्लान तैयार किया है।
Char Dham Yatra Health Plan 2026 : उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष हेल्थ मास्टर प्लान तैयार किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 3000 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं जैसे- ऑक्सीजन की कमी और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस से यात्रियों को बचाना है।
हाई-टेक स्वास्थ्य सुविधाएं और विभाग का मेगा प्लान
ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल: इस साल सरकार ने ई-स्वास्थ्य धाम डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसके जरिए हर श्रद्धालु के स्वास्थ्य की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। पंजीकरण के समय यात्रियों का हेल्थ डेटा लिया जाएगा ताकि जोखिम वाले मरीजों की पहले ही पहचान हो सके।
हवाई और सड़क एंबुलेंस का जाल: यात्रा मार्ग पर 177 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। इनमें कार्डियक एंबुलेंस के साथ-साथ एयर एंबुलेंस हेलीकॉप्टर की सुविधा भी शामिल है, ताकि गंभीर स्थिति में मरीज को तुरंत एम्स ऋषिकेश या अन्य बड़े अस्पतालों में शिफ्ट किया जा सके।
चिकित्सा कर्मियों की भारी तैनाती: स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 1350 डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का रोस्टर तैयार किया है। दुर्गम रास्तों पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और 33 हेल्थ स्क्रीनिंग सेंटर बनाए गए हैं, जहां 24 घंटे डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे।
स्पेशल हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग: तैनात किए जा रहे डॉक्टरों को विशेष रूप से माउंटेन सिकनेस, हाइपोथर्मिया और डिहाइड्रेशन के इलाज की ट्रेनिंग दी गई है, क्योंकि 3000 मीटर की ऊंचाई पर यही सबसे बड़ी चुनौतियां होती हैं।
केदारनाथ में विशेष अस्पताल: केदारनाथ धाम में 17 बेड का एक आधुनिक अस्पताल तैयार किया गया है, जो विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रहेगा।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि यात्री चढ़ाई के दौरान जल्दबाजी न करें। यदि सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या चक्कर आने जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
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