Edited By Niyati Bhandari,Updated: 06 Feb, 2023 10:25 AM

गोपाल कृष्ण गोखले भारत के ऐसे समाज सुधारक थे जो अपने साथियों के बीच ईमानदारी की मिसाल माने जाते थे।
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Gopal Krishna Gokhale Story: गोपाल कृष्ण गोखले भारत के ऐसे समाज सुधारक थे जो अपने साथियों के बीच ईमानदारी की मिसाल माने जाते थे। उनके बचपन का एक प्रसंग है। जब वह महाराष्ट्र के रत्नागिरी में एक प्राइमरी स्कूल में पढ़ते थे तब एक बार उनके अध्यापक ने ईमानदारी पर सभी विद्यार्थियों के विचार जानने की जिज्ञासा से एक प्रश्र किया।
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प्रश्र यह था, ‘‘यदि तुम्हें रास्ते में एक हीरा मिल जाए तो तुम उसका क्या करोगे?’’
एक विद्यार्थी ने कहा कि मैं इसे बेच कर धनवान बन जाऊंगा।
दूसरे ने कहा कि वह उसे बेच कर विदेश यात्रा करेगा।
तीसरे विद्यार्थी का जवाब था कि मैं हीरे के मालिक का पता लगाकर उसे यह हीरा लौटा दूंगा।

तीसरे विद्यार्थी का उत्तर सुनकर अध्यापक चकित रह गए
उन्होंने उस विद्यार्थी से कहा, ‘‘ मान लो बहुत पता लगाने पर भी उस हीरे का मालिक अगर तुम्हें न मिले तो? ’’
वह बोला, ‘‘ तब मैं हीरे को बेचूंगा और इससे मिले पैसे को देश की सेवा में लगा दूंगा।

अध्यापक बालक का उत्तर सुनकर बहुत खुश हो गए और बोले कि शाबाश तुम बड़े होकर सचमुच देशभक्त बनोगे। यही विद्यार्थी अपनी ईमानदारी से ओत-प्रोत विचारों के चलते महान स्वतंत्रता सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
